CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान, पुलिस ने नहीं दी अनुमति; 30 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन, मेट्रो और रेल सेवाओं पर भी असर
हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। राजधानी दिल्ली में शनिवार को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली और संसद मार्ग सहित कई प्रमुख इलाकों में पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद CJP नेता अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर तक मार्च करने का ऐलान किया है। प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए राजधानी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन लागू किए जाने की तैयारी है।

जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर सुरक्षा का घेरा
प्रदर्शन से पहले जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात किए गए हैं। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई है।
नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। पुलिस का जोर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने पर है। राजधानी के प्रमुख प्रवेश मार्गों, रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
वोट चोरी के आरोपों के विरोध में प्रदर्शन
विपक्षी दलों की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। आयोजकों ने युवाओं की भागीदारी के साथ जंतर-मंतर पर जुटने की योजना बनाई है।
CJP नेता अभिजीत दिपके ने पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद जंतर-मंतर तक मार्च करने की बात कही है। ऐसे में पुलिस के सामने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान कितने लोग जुटेंगे और कार्यक्रम किस रूप में आगे बढ़ेगा, यह स्थिति पर निर्भर करेगा।
23 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी
प्रस्तावित प्रदर्शन और अन्य संभावित सभाओं को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 8 से 12 अक्टूबर के बीच राजधानी में करीब 23 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की योजना है। गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली पुलिस को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की अतिरिक्त कंपनियां भी उपलब्ध कराई गई हैं।
नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में बहुस्तरीय बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों और चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक से निगरानी किए जाने की तैयारी है। नोएडा से दिल्ली को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर सहित प्रमुख सीमावर्ती इलाकों में भी पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान तैनात किए गए हैं।
इसके साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत सेंट्रल दिल्ली में प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इनका उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों को रोकना है, जिनसे शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
30 स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार सुबह छह बजे से राजधानी के करीब 30 प्रमुख स्थानों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए जाने की जानकारी दी है। नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में इसका असर पड़ सकता है।
प्रभावित होने वाले प्रमुख स्थानों में धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, पंचकुइयां रोड, मंडी हाउस, आईटीओ, मिंटो रोड, गुरु नानक चौक, कनॉट प्लेस, विंडसर प्लेस, पटेल चौक और संसद मार्ग के आसपास के इलाके शामिल हैं। इसके अलावा जंतर-मंतर रोड, रेल भवन गोलचक्कर, गोल डाकखाना और राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आसपास भी यातायात प्रभावित रहने की आशंका है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की योजना बना लें। रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है। यातायात की स्थिति के अनुसार प्रतिबंधों में बदलाव भी किया जा सकता है।
मेट्रो, रेलवे और नमो भारत सेवाओं पर असर
प्रदर्शन के मद्देनजर मेट्रो सेवाओं को लेकर भी प्रतिबंधों की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, विभिन्न मेट्रो लाइनों के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की योजना है। येलो, रेड, ब्लू, पिंक, वॉयलेट और मैजेंटा लाइनों के कुछ स्टेशनों के प्रभावित होने की बात कही गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सफर शुरू करने से पहले संबंधित मेट्रो सेवा की आधिकारिक सूचना की पुष्टि कर लें।
रेलवे की ओर से भी नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और तिलक ब्रिज से जुड़ी कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध सूचना के मुताबिक, कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है और नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक रेल सेवाएं प्रभावित रहने की योजना है। यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही स्टेशन पहुंचने की सलाह दी गई है।
वहीं, सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक बंद रखने की जानकारी दी गई है। हालांकि, आनंद विहार से मोदीपुरम के बीच नमो भारत सेवाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलने की बात कही गई है।
शराब की दुकानें और भागीरथ पैलेस बाजार भी बंद
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में 10 अक्टूबर को खुदरा शराब की दुकानों को बंद रखने की घोषणा की गई है। हालांकि, संबंधित अधिकारी के अनुसार, लाइसेंस प्राप्त रेस्तरां, बार और क्लब में सामान्य रूप से शराब परोसने की व्यवस्था जारी रह सकती है।
इसके अलावा, दिल्ली के प्रमुख बिजली उपकरण बाजार भागीरथ पैलेस को भी शनिवार को बंद रखने का फैसला किया गया है। व्यापार मंडल ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कारोबारियों तथा ग्राहकों से सहयोग की अपील की है।
कुल मिलाकर, प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था व्यापक स्तर पर बदली गई है। ऐसे में राजधानी के लोगों और बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे घर से निकलने से पहले यातायात, मेट्रो और रेल सेवाओं से जुड़ी ताजा आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।
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