हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 11अप्रैल: 2025:अलीगढ़,
अलीगढ़, 11 अप्रैल 2025:
प्रदेश सरकार द्वारा प्रमुख तीर्थ स्थलों के व्यापक विकास को लेकर व्यापक पहल की जा रही है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव धर्मार्थ कार्य श्री मुकेश मेश्राम ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी (डीएम) एवं मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों के समुचित विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजे जाएं।
तीर्थ स्थलों के लिए इन बिंदुओं पर प्रस्ताव मांगे गए:
- धर्मार्थ मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण
- नए मार्गों का निर्माण
- पब्लिक एम्निटीज (शौचालय, पेयजल, विश्राम स्थल आदि) एवं पार्किंग सुविधाओं का विकास
- आवश्यकतानुसार भूमि क्रय हेतु प्रस्ताव
- सार्वजनिक एवं राजकीय मंदिरों की विस्तृत जानकारी एकत्रित कर आईपीआईएस पोर्टल पर फीडिंग
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 3100 करोड़ रुपये तक के प्रस्ताव प्राप्त किए जा सकेंगे।
प्राचीन और पौराणिक महत्व वाले धार्मिक स्थलों को प्राथमिकता:
- वे स्थल जहां प्रतिवर्ष 5 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं
- बौद्ध, जैन, कबीर पंथ, रविदास मंदिर, बाल्मीकि मंदिर, नाथ सम्प्रदाय से जुड़े स्थल
- इनके साथ ही आसपास के क्षेत्र में रोशनी, ड्रेनेज, साइनेज, वृक्षारोपण आदि का विकास भी प्रस्तावित
जनसुविधाओं के लिए विशेष फोकस:
- पब्लिक फूड कोर्ट, कैंटीन, लॉकर रूम, धर्मशाला, डोरमैट्री
- नजूल या दान की भूमि, अथवा आवश्यकता अनुसार भूमि क्रय
- धार्मिक नदियों के किनारे भजन संध्या स्थल, बेदिकाएं एवं सत्संग स्थल का निर्माण
प्रमुख सचिव ने यह भी कहा कि सार्वजनिक एवं राजकीय मंदिरों की व्यवस्थापन, स्थिति, आय-व्यय आदि की समेकित जानकारी समयबद्ध ढंग से आईपीआईएस पोर्टल पर अपलोड की जाए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित अधिकारी:
- जिलाधिकारी संजीव रंजन
- सीडीओ प्रखर कुमार सिंह
- डीडीओ आलोक आर्य
- एडी सूचना संदीप कुमार
- एक्सईएन पीडब्ल्यूडी संजीव पुष्कर
यह पहल उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
















