हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 16 अप्रैल: 2025,
योगी सरकार राज्य में जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से एक व्यापक योजना पर काम कर रही है। प्रदेश की गंगा, यमुना, सरयू जैसी सदानीरा नदियों में अंतर्देशीय जलमार्गों की असीम संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने बड़े स्तर पर जल परिवहन ढांचे के विकास की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन
प्रदेश में जल परिवहन को व्यवस्थित और सुनियोजित रूप से विकसित करने के लिए अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन किया गया है। इस प्राधिकरण के माध्यम से नदियों के माध्यम से माल और यात्री परिवहन की सुविधा को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय जलमार्ग-1 का विस्तार
राष्ट्रीय जलमार्ग-1, जो प्रयागराज से पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट तक लगभग 1100 किमी लंबा है, उसका एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इस मार्ग पर पहले से ही वाराणसी, रामनगर, गाजीपुर और प्रयागराज में टर्मिनल संचालित हैं।
अब इस जलमार्ग को कानपुर से फर्रुखाबाद तक विस्तारित करने की योजना बनाई गई है, जिससे और अधिक जिलों को जल परिवहन से जोड़ा जा सकेगा।
मंदाकिनी, केन और कर्मनाशा नदियों को भी जोड़ा जाएगा
सरकार की अगली बड़ी योजना मंदाकिनी, केन और कर्मनाशा नदियों को जल परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की है। इसके साथ-साथ यमुना, गोमती, सरयू, बेतवा, वरुणा और राप्ती जैसी नदियों पर भी जल परिवहन के लिए आधारभूत ढांचे का विकास किया जाएगा।
गंगा नदी पर लिफ्टिंग ब्रिज की योजना
हाल ही में केंद्र सरकार ने वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में गंगा नदी पर लिफ्टिंग ब्रिज बनाने की घोषणा की है। ये विशेष प्रकार के ब्रिज भारी जहाजों के गुजरते समय ऊपर उठ जाते हैं और फिर अपने स्थान पर वापस आ जाते हैं। भविष्य में ऐसे ब्रिजों की संख्या और भी बढ़ाई जाएगी।
जल परिवहन के फायदे: सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल
जल परिवहन की लागत सड़कों और रेलवे की तुलना में काफी कम है। फिक्की की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रणाली लगभग 90% तक सस्ती है। इसके साथ ही यह अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल भी है।
भारी वाहनों के कारण सड़कों पर पड़ने वाले दबाव में भी कमी आएगी, जिससे सड़कों की उम्र बढ़ेगी और रखरखाव का खर्च घटेगा।
स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास
जल परिवहन के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। टर्मिनल, बंदरगाह, लोडिंग-अनलोडिंग, लॉजिस्टिक्स और परिवहन सेवाओं में लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।

















