हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 29 अप्रैल: 2025,
अलीगढ़ और बुलंदशहर के बीच रविवार को हुए हमलों के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने सोमवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमलों या धमकियों से वह डरने या झुकने वाले नहीं हैं। सुमन ने कहा, “जो लोग सोचते हैं कि इन हमलों से मैं टूट जाऊंगा या समझौता कर लूंगा, वे भारी गलतफहमी के शिकार हैं। मैं दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों की आवाज उठाता रहूंगा। समाजवादी कार्यकर्ता के नाते यही मेरा धर्म है।”
रामजीलाल सुमन ने बताया कि उन पर अब तक तीन बार कातिलाना हमला हो चुका है, लेकिन वह इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। सुमन ने दावा किया कि हमला करने वालों को पुलिस ने रातोंरात सम्मानपूर्वक छोड़ दिया, जबकि खुद उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए ताकि पुलिस अपनी नाकामी छुपा सके।
दलित उत्पीड़न पर चिंता जताते हुए सुमन ने कहा कि प्रदेश में दलितों पर अत्याचार के मामले तेजी से बढ़े हैं। विशेष वर्ग के लोगों के खिलाफ कार्रवाई न होने से उनका मनोबल बढ़ता जा रहा है।
सुरक्षा को लेकर सुमन ने बताया कि वह उपराष्ट्रपति, गृह मंत्री, डीजीपी और गृह सचिव से पत्राचार कर सुरक्षा की मांग कर चुके हैं, लेकिन एक महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बावजूद सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा न देना अपने आप में एक षड्यंत्र का हिस्सा है। सुमन ने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा, जहां इस मुद्दे पर सुनवाई होनी है।
रविवार को हुए हमले के बाद सुमन ने सरकार पर हत्या कराने की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना है कि इस तरह के हमलों और धमकियों से वे डरने वाले नहीं हैं और दलित, पिछड़े तथा अल्पसंख्यक समाज की आवाज बनकर लड़ाई जारी रखेंगे।














