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राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेज गोपनीय, आरटीआई के तहत जानकारी देने से इनकार पर CIC की मुहर

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
गृह मंत्रालय बोला— खुलासे से संबंधित लोगों की सुरक्षा को खतरा, आयोग ने ट्रस्ट को आरटीआई के दायरे से बाहर माना

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन से जुड़े दस्तावेजों को गोपनीय श्रेणी में रखने के फैसले पर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भी अपनी मुहर लगा दी है। आयोग ने माना कि इन दस्तावेजों का खुलासा करने से संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, इसलिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

यह मामला आरटीआई कार्यकर्ता नीरज शर्मा की ओर से दायर आवेदन से जुड़ा है। उन्होंने 5 फरवरी 2020 को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत उस योजना और संबंधित सरकारी आदेशों की प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं, जिनके आधार पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया था।

सुनवाई के दौरान गृह मंत्रालय ने आयोग को बताया कि ट्रस्ट के गठन से जुड़े सभी दस्तावेज अत्यंत संवेदनशील हैं और इन्हें गोपनीय श्रेणी में रखा गया है। मंत्रालय ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(जी) का हवाला देते हुए कहा कि इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से संबंधित लोगों के जीवन और सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। आयोग ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए सूचना उपलब्ध कराने से इनकार को उचित ठहराया।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वतंत्र एवं स्वायत्त संस्था है। सरकार की भूमिका केवल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में ट्रस्ट के गठन तक सीमित थी। इसके बाद ट्रस्ट के संचालन, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासन में केंद्र या राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है और न ही सरकार से उसे कोई वित्तीय सहायता मिलती है।

ट्रस्ट की ओर से पेश वकील ने भी दलील दी कि ट्रस्ट का गठन किसी सरकारी अधिसूचना से नहीं बल्कि ट्रस्ट विलेख के माध्यम से हुआ है। इसलिए यह आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 2(एच) के तहत “सार्वजनिक प्राधिकरण” की श्रेणी में नहीं आता।

सीआईसी ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है जिससे यह साबित हो कि ट्रस्ट सरकार के स्वामित्व, नियंत्रण या बड़े पैमाने पर सरकारी वित्तीय सहायता के तहत संचालित होता है। इसी आधार पर आयोग ने ट्रस्ट को आरटीआई के दायरे से बाहर मानते हुए अपील का निस्तारण कर दिया।

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