• Home
  • उत्तर प्रदेश
  • पहली बार सभी वर्गों के दूल्हे बग्घी-घोड़ी पर, सामूहिक विवाह में उठेगा एकता का संदेश
Image

पहली बार सभी वर्गों के दूल्हे बग्घी-घोड़ी पर, सामूहिक विवाह में उठेगा एकता का संदेश

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 29 अप्रैल: 2025,

काशी में 30 अप्रैल को सामूहिक विवाह समारोह, समाजिक एकता का होगा प्रतीक

धर्मनगरी काशी में 30 अप्रैल को आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिलेगा। पहली बार सभी वर्गों के दूल्हे बग्घी, रथ, और घोड़ियों पर सवार होकर विवाह स्थल तक जाएंगे। इस विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने समाजिक एकता का एक बड़ा संदेश देने की योजना बनाई है।

125 बेटियों का कन्यादान, सरसंघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में
अक्षय तृतीया के दिन, सरसंघचालक मोहन भागवत के नेतृत्व में 125 बेटियों का कन्यादान किया जाएगा। यह आयोजन काशी के शंकुलधारा पोखरे पर होगा, जहां वेदियां बनाई जाएंगी। इस समारोह में अगड़े, पिछड़े और दलित वर्ग के दूल्हे एक साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधेंगे। समारोह में शामिल होने वाले सभी वर्गों के लोग एकजुट होकर विवाह की रस्मों में भाग लेंगे।

समाज के सभी वर्गों की सहभागिता
इस समारोह में ब्राह्मण के साथ सभी वर्गों के पुजारी विवाह संपन्न कराएंगे। यह पहला अवसर होगा, जब समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ कन्यादान महोत्सव में भाग लेंगे। समारोह में अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दूल्हे और दुल्हन सभी वर्गों से होंगे, और उनकी शादी की रस्में पारंपरिक तरीके से निभाई जाएंगी।

समारोह में सामाजिक एकता को प्रोत्साहन
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत हमेशा ‘एक मंदिर, एक कुआं, एक श्मशान’ के सिद्धांत की बात करते रहे हैं, और यह समारोह इस सिद्धांत को पुख्ता करने की दिशा में एक कदम है। संघ का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता की भावना को मजबूत करना है, और इस कन्यादान महोत्सव के माध्यम से वे यह संदेश देंगे कि समाज के सभी वर्गों को समान सम्मान मिलना चाहिए।

समारोह की विशेषताएं:

  • शंकुलधारा पोखरे से बरात का आरंभ, जिसमें ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजा और आतिशबाजी होगी।
  • विवाह संपन्न होने के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत संबोधन करेंगे।
  • विवाह स्थल पर सभी वर्गों के लोगों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन किया जाएगा।
  • अंतरजातीय विवाहों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।

संघ के शताब्दी वर्ष की शुरुआत
यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पूरे देश में समानता और एकता की भावना को बल देने का कार्य करेगा। आने वाले वर्षों में इस तरह के कई कार्यक्रम देश के अन्य हिस्सों में भी आयोजित किए जाएंगे।

Releated Posts

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर विदेश मंत्रालय की चेतावनी, बिना वीजा-दस्तावेज यात्रा न करें

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के जरिए यात्रा करने वालों के लिए एडवाइजरी जारी नई दिल्ली।…

ByByHindustan Mirror News Jun 28, 2026

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, अब आगे क्या होगा?

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा,…

ByByHindustan Mirror News Jun 26, 2026

वैभव सूर्यवंशी के सामने इतिहास रचने का मौका, डेब्यू करते ही टूट सकते हैं भारत के 5 बड़े रिकॉर्ड

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : भारतीय क्रिकेट टीम के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आज से आयरलैंड के…

ByByHindustan Mirror News Jun 26, 2026

कैंसर के इलाज में नई उम्मीद: भारत में लॉन्च हुई 2.15 लाख रुपये की टैनस्ट्राइव दवा

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : RET जीन म्यूटेशन वाले मरीजों के लिए लक्षित उपचार, विशेषज्ञों ने बताया आधुनिक कैंसर…

ByByHindustan Mirror News Jun 25, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top