हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 30 अप्रैल: 2025,
अलीगढ़, 30 अप्रैल:
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कल्चरल एजुकेशन सेंटर स्थित केनेडी ऑडिटोरियम में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म महोत्सव ‘फिल्मसाज 2025’ के 13वें संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय फिल्म क्लब द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में देश-विदेश के फिल्मकारों, कलाकारों, कहानीकारों, विद्यार्थियों और सिनेमा प्रेमियों ने भाग लिया, जिससे यह महोत्सव एक वैश्विक रचनात्मक संगम बन गया।
विविध विधाओं में प्रस्तुत की गईं 30 से अधिक फिल्में
इस वर्ष फिल्मसाज में शॉर्ट फिल्मों, डॉक्युमेंट्री और म्यूजिक वीडियो जैसी विभिन्न श्रेणियों में 30 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जिनमें से 9 सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों को चयनित कर प्रदर्शन हेतु प्रस्तुत किया गया। इन फिल्मों में सामाजिक न्याय, मानसिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, और संवेदनशील व्यक्तिगत और सांस्कृतिक कहानियों जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।
महोत्सव की शुरुआत एक मौन श्रद्धांजलि से हुई, जिसमें हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को सम्मानपूर्वक याद किया गया।
प्रसिद्ध अभिनेता नासिर अब्दुल्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित

इस अवसर पर विख्यात अभिनेता और मॉडल नासिर अब्दुल्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने स्वतंत्र सिनेमा द्वारा सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने की शक्ति पर बल दिया। अपने कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने एड्स जागरूकता, ड्रिंक एंड ड्राइव और महिला सुरक्षा से संबंधित अपने विज्ञापनों को साझा किया और ‘फिल्मसाज’ को सच्ची और बिना फिल्टर की कहानी कहने का एक प्रासंगिक मंच बताया।
उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रो. एम.के. पुंढीर (फिल्म क्लब के मेंटर), प्रो. विभा शर्मा (मेंबर-इन-चार्ज, जनसंपर्क कार्यालय), और उद्यमी शाहवार शोहरत विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
प्रो. विभा शर्मा ने साहित्य और सिनेमा के सामंजस्य की सराहना करते हुए इसे समाज और मानव आत्मा की कलात्मक परावृत्ति बताया। उन्होंने फिल्म क्लब के सचिव मोहम्मद सलमान को ‘प्रतिभाशाली और उद्यमी युवा नेता’ बताते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
शाहवार शोहरत ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सिनेमा केवल तकनीकी पहलुओं का मेल नहीं है, बल्कि यह भावनात्मक यात्राओं, डर, आशाओं और आकांक्षाओं को व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने सिनेमा को महाद्वीपों को जोड़ने वाली संस्कृति बताया।
फिल्मसाज: प्रतिरोध और परिवर्तन का उत्सव
फिल्म क्लब की अध्यक्ष डॉ. फजीला शाहनवाज ने स्वागत भाषण में कहा कि फिल्मसाज सिर्फ एक सिनेमा कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह अभिव्यक्ति, प्रतिरोध और परिवर्तनकारी कहानी कहने की शक्ति का उत्सव है।
सीईसी के समन्वयक प्रो. नवेद खान ने उभरती हुई रचनात्मक आवाजों को पोषित करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “कला परिवर्तन के लिए सबसे सशक्त उपकरणों में से एक है।”
संगीत और धन्यवाद के साथ हुआ समापन
महोत्सव के समन्वयक मोहम्मद सलमान और उनकी टीम की सतत मेहनत से यह आयोजन सफल रहा। कार्यक्रम का संचालन सैयद जैनब रईस, मोरीश हसिन खान और दाऊद राशिदी ने जीवंतता और उत्साह के साथ किया, जबकि शिजा फारदीन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय पश्चिमी संगीत क्लब और ‘सेमिंटो द बैंड’ के लाइव संगीत प्रदर्शन के साथ हुआ, जिनकी आत्मीय धुनों और भावनात्मक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।














