हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 4 मई : 2025,
नई दिल्ली, 4 मई – दिल्ली स्थित भारत मंडपम में विश्व जागृति मिशन द्वारा एक भव्य ‘संस्कृति जागरण महोत्सव’ का आयोजन किया गया, जिसमें देश के प्रमुख आध्यात्मिक संतों और धर्मगुरुओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रव्यापी सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों के पुनर्जागरण का संदेश देना था।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुधांशु जी महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, और स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज उपस्थित रहे। सुधांशु जी महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में, गुरुकुल संस्कृति के विस्तार और भारतीय सभ्यता के प्रसार पर चर्चा की गई।
इस दौरान बाबा रामदेव ने एक चौंकाने वाला और साहसिक बयान देते हुए कहा कि,
“जिस प्रकार से सुधांशु जी महाराज गुरुकुल खोलने की बात कर रहे हैं, मैं यह कह रहा हूं कि तीसरा गुरुकुल पाकिस्तान के कराची में खोला जाएगा।“
उन्होंने आगे कहा कि आज का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के वैश्विक विस्तार की पहल है। उन्होंने पाकिस्तान में गुरुकुल खोलने की बात कहकर न सिर्फ एक आध्यात्मिक उद्देश्य जाहिर किया, बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक संकेत भी दिए।
इस आयोजन में एकजुट हुए सभी धर्मगुरुओं और संतों ने यह स्पष्ट किया कि भारत की संस्कृति सीमाओं में बंधी नहीं है। कार्यक्रम ने एक राष्ट्रव्यापी सांस्कृतिक जागरण और अखंड भारत की भावना को बल देने का काम किया।

















