हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 6 मई : 2025,
हैदराबाद/अलीगढ़, 6 मई:
हैदराबाद में आयोजित भारतीय एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स सोसाइटी के चौथे वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन (ISA Yuvacon 2025) और 10वें ISACon Telangana 2025 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर विभाग के प्रतिष्ठित फैकल्टी डॉ. मनाज़िर अतहर ने एक अत्यंत ज्ञानवर्धक और नवाचार से भरपूर व्याख्यान दिया।
डॉ. अतहर ने सम्मेलन के एक विशेष अकादमिक सत्र में ‘प्रिसीजन एनेस्थीसिया’ विषय पर आधारित अपने विचार साझा किए, जिसमें उन्होंने ‘फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी (FESS) और टॉन्सिलेक्टॉमी के लिए सुप्राग्लॉटिक एयरवे के सटीक उपयोग’ को केंद्र में रखा। उन्होंने बताया कि कैसे अब एनेस्थीसिया प्रैक्टिस तेजी से पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़कर ‘प्रिसीजन मेडिसिन’ की ओर अग्रसर हो रही है, जहाँ हर मरीज के लिए उसकी व्यक्तिगत जैविक व जीवनशैली से जुड़ी विशेषताओं के अनुसार अनुकूलित उपचार सुनिश्चित किया जाता है।
डॉ. अतहर ने अपने व्याख्यान में सुप्राग्लॉटिक एयरवे डिवाइसेस (SADs) की भूमिका को रेखांकित किया, विशेष रूप से दूसरे और तीसरे जनरेशन के SADs के प्रभावी उपयोग को। उन्होंने बताया कि इन डिवाइसेस के जरिए जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं के दौरान मरीज की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है, बशर्ते कि मरीज का चयन सावधानीपूर्वक किया गया हो और निगरानी तकनीक पर आधारित हो।
एआई की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए, डॉ. अतहर ने यह भी दर्शाया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पूर्वानुमान मॉडल्स भविष्य में एयरवे मैनेजमेंट को न केवल अधिक मरीज-विशिष्ट (patient-centric) बना सकते हैं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और प्रभावशाली भी बना सकते हैं। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि ऑपरेशन से पहले और उसके दौरान एआई किस प्रकार रिस्क असेसमेंट और इंटरवेंशन प्लानिंग में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और मेडिकल छात्रों की उपस्थिति में प्रस्तुत किए गए इस व्याख्यान को बेहद सराहना मिली और यह आने वाले समय में एनेस्थीसिया प्रैक्टिस की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।

















