हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 13 मई : 2025,
अलीगढ़, 13 मई 2025 – कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वच्छता समिति की बैठक में जिलाधिकारी संजीव रंजन ने स्वच्छता से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिले की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
स्वच्छता ऐप की प्रगति और पंजीकरण की समीक्षा
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मोहम्मद राशिद ने ‘ग्राम स्वच्छता ऐप’ की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि जिले में कुल 1051 सफाईकर्मी कार्यरत हैं, जिनमें से केवल 325 ही पंजीकृत हैं। इसी प्रकार, 612 ग्राम पंचायतें, 352 ग्राम प्रधान और 228 सचिव भी ऐप पर पंजीकृत हैं। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष सभी सफाईकर्मियों और संबंधित अधिकारियों का शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।

स्वच्छता शुल्क और मॉडल ग्राम की योजना
डीपीआरओ द्वारा यह भी बताया गया कि वर्तमान में जिले में प्रतिमाह तीन लाख रुपये से अधिक स्वच्छता शुल्क एकत्र किया जा रहा है। इस पर डीएम ने संतोष जताते हुए प्रत्येक ब्लॉक से एक-एक ग्राम को “मॉडल विलेज” के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए ताकि अन्य गांव भी उनसे प्रेरणा ले सकें।
आरआरसी और ई-रिक्शा की स्थिति
वर्तमान में जिले की 852 ग्राम पंचायतों में से 663 में रीसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का निर्माण हो चुका है। डीएम ने इन सभी आरआरसी को शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, 457 ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है। आवश्यकता अनुसार अन्य पंचायतों में भी ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए।

ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर
बैठक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट और ऑगर नगला राजू में स्थापित बायोगैस प्लांट की स्थिति पर भी चर्चा की गई। डीएम ने इनके प्रभावी संचालन पर बल दिया। इसके अलावा, ग्राम पंचायतों द्वारा जैम पोर्टल पर पंजीकरण की समीक्षा की गई, जिसमें अब तक 400 पंचायतों का पंजीकरण हो चुका है।
शौचालयों की रेट्रोफिटिंग में धीमी प्रगति पर असंतोष
शौचालयों की रेट्रोफिटिंग कार्यों की समीक्षा के दौरान डीपीआरओ ने बताया कि अब तक केवल 5% कार्य ही पूर्ण हो पाया है। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने सभी ग्राम पंचायतों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बरसात पूर्व तैयारियों पर विशेष ध्यान
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने विशेष रूप से बरसात से पूर्व गांवों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में जलभराव नहीं होना चाहिए क्योंकि यह ना केवल आवागमन में बाधा उत्पन्न करता है, बल्कि गंभीर बीमारियों का कारण भी बनता है।
बैठक में रहे ये अधिकारी उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट शुभांशु कटियार, पीडी डीआरडीए भालचंद त्रिपाठी, डीपीओ के के रॉय, ग्राम प्रधान साथिनी एवं भरतपुर सहित सभी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), एडीओ पंचायत, तथा जिला स्वच्छता समन्वयक उपस्थित रहे।
समापन में डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वच्छता योजनाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करें।















