• Home
  • नई दिल्ली
  • जस्टिस बी.आर. गवई बने भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश, छह महीने का होगा कार्यकाल
Image

जस्टिस बी.आर. गवई बने भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश, छह महीने का होगा कार्यकाल

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 14 मई : 2025,

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने बुधवार को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस गवई देश के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश बने हैं। उनसे पहले यह पद 2010 में जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन ने संभाला था।

जस्टिस गवई का कार्यकाल छह महीने का होगा और वे 23 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने सेवानिवृत्त हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना का स्थान लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई गणमान्य लोगों की मौजूदगी में उन्होंने शपथ ली।

ऐसे हुई नियुक्ति

30 अप्रैल को कानून मंत्रालय ने जस्टिस गवई की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। इससे पहले 16 अप्रैल को तत्कालीन CJI संजीव खन्ना ने परंपरा के अनुसार वरिष्ठतम न्यायाधीश के रूप में जस्टिस गवई के नाम की सिफारिश की थी। कानून मंत्रालय ने भी इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव मांगा था।

न्यायिक करियर पर एक नजर

जस्टिस गवई ने 16 मार्च 1985 को वकालत की शुरुआत की थी। वे नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के स्थायी वकील रहे।

  • 1992-1993: बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक।
  • 17 जनवरी 2000: सरकारी वकील और लोक अभियोजक नियुक्त।
  • 14 नवंबर 2003: बॉम्बे हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त।
  • 12 नवंबर 2005: हाईकोर्ट में स्थायी न्यायाधीश बने।
  • 24 मई 2019: सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त।

महत्वपूर्ण फैसले जिनमें रहे शामिल

जस्टिस गवई ने सुप्रीम कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान कई संवैधानिक और ऐतिहासिक महत्व के मामलों में फैसले सुनाए:

अनुच्छेद 370 पर फैसला (दिसंबर 2023)

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के केंद्र सरकार के निर्णय को पांच जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से सही ठहराया। जस्टिस गवई इस पीठ में शामिल थे।

राजीव गांधी हत्याकांड (2022)

उन्होंने दोषियों की रिहाई को मंजूरी दी, यह मानते हुए कि तमिलनाडु सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल ने कोई निर्णय नहीं लिया था।

वणियार आरक्षण (2022)

तमिलनाडु सरकार द्वारा वणियार समुदाय को दिए गए विशेष आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया गया।

नोटबंदी मामला (2023)

2016 की नोटबंदी को 4:1 बहुमत से वैध ठहराया गया। जस्टिस गवई का कहना था कि यह निर्णय केंद्र और रिज़र्व बैंक के बीच विचार-विमर्श से लिया गया था।

ईडी निदेशक का कार्यकाल (2023)

जुलाई में उन्होंने ईडी निदेशक संजय मिश्रा का कार्यकाल विस्तार असंवैधानिक बताया और 31 जुलाई तक पद छोड़ने का निर्देश दिया।

बुलडोजर कार्रवाई पर टिप्पणी (2024)

जस्टिस गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी की संपत्ति को तोड़ना असंवैधानिक है। संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा।

अन्य चर्चित फैसले

  • मोदी सरनेम केस: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दो साल की सजा के बाद मिली राहत।
  • तीस्ता शीतलवाड़ केस: सामाजिक कार्यकर्ता को मिली जमानत।
  • दिल्ली शराब घोटाला: मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के. कविता को मिली जमानत।

Releated Posts

नेपाल बाढ़ में बचाए गए 21 भारतीय दिल्ली पहुंचे, 320 अब भी लापता

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : विदेश मंत्रालय ने बताया- 400 भारतीय चीन की तरफ सुरक्षित, राहत-बचाव अभियान तेज; जयशंकर…

ByByHindustan Mirror News Aug 28, 2026

NSG का पहला महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स शुरू, काउंटर टेरर ऑपरेशन में बढ़ेगी नारी शक्ति

12 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण में महिला जवानों को मिलेगी कमांडो तकनीक, हथियार संचालन, टैक्टिकल ऑपरेशन और बंधक…

ByByHindustan Mirror News Aug 25, 2026

FSSAI का बड़ा एक्शन, दिग्गज फूड ब्रांड्स पर कसा शिकंजा, 5-स्टार होटल और रेस्टोरेंट्स को भी नोटिस

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : भ्रामक विज्ञापन, गलत दावे और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन पर 150 से ज्यादा नोटिस;…

ByByHindustan Mirror News Aug 23, 2026

यमन-सोमालिया में समुद्री लुटेरों का आतंक, दो जहाजहाईजैक; 22 भारतीय फंसे

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :अदन की खाड़ी में 16 और सोमालिया तट के पास छह भारतीय नाविकों समेतजहाज कब्जे…

ByByHindustan Mirror News Aug 22, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *