हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑15 मई : 2025
अलीगढ़, 15 मई: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के वि़क़ारुल मुल्क हॉल स्थित कोचिंग एंड गाइडेंस सेल द्वारा “बिना तनाव के परीक्षा की तैयारी कैसे करें” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान उत्पन्न होने वाले तनाव से निपटने, समय प्रबंधन को बेहतर बनाने और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए व्यावहारिक और उपयोगी सुझाव प्रदान करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत हॉल के प्रोवोस्ट प्रो. नौशाद अली पी.एम. के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में छात्रों को मानसिक रूप से सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे न केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल कर सकें, बल्कि एक संतुलित जीवन भी जी सकें।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता प्रो. परवेज तालिब (विभागाध्यक्ष, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, संतुलित दिनचर्या अपनाने और मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के महत्वपूर्ण उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि परीक्षा की तैयारी के दौरान अनुशासित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन और नियमित व्यायाम से न केवल पढ़ाई में सुधार होता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
डॉ. आसिफ हसन (सहायक प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग) ने तनाव प्रबंधन और एकाग्रता बढ़ाने की रणनीतियों पर आधारित एक संवादात्मक सत्र का संचालन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ध्यान, गहरी साँस लेने की तकनीकें और सकारात्मक सोच अपनाने जैसे व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा के समय नकारात्मक विचारों से दूरी बनाकर और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहकर छात्र बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान हॉल के वरिष्ठ छात्र मंज़ूर अहमद ने आयोजन समिति की ओर से विचार साझा किए। उन्होंने कार्यशाला की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए सुझाव दिया कि ऐसी गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए ताकि छात्रों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास हो सके।
कार्यक्रम का समापन डॉ. शेख बिलाल अहमद (वार्डन-इन-चार्ज, कोचिंग एंड गाइडेंस सेल) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी वक्ताओं, प्रतिभागी छात्रों और आयोजन समिति के सदस्यों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं को आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यशाला में छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही और उन्होंने सत्रों के अंत में वक्ताओं से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। यह आयोजन छात्रों के लिए न केवल प्रेरणास्पद रहा, बल्कि उन्हें परीक्षा के समय स्वयं को मानसिक रूप से मजबूत रखने के लिए ठोस दिशानिर्देश भी प्रदान करता है।

















