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बंगाल के बाद अब दिल्ली: SIR के खिलाफ ममता चुनाव आयोग के सामने धरना देंगी, विपक्ष को साथ लाने की तैयारी

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

दिल्ली में तेज होगा आंदोलन
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध तेज करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब इसे राष्ट्रीय मंच पर ले जाने की तैयारी में हैं। इसी कड़ी में वह दिल्ली पहुंचकर चुनाव आयोग (ECI) के कार्यालय के सामने धरना देंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, ममता बुधवार को हुगली जिले के सिंगूर में रैली के बाद शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगी। दिल्ली में उनके कार्यक्रम वहां पहुंचने के बाद अंतिम रूप लिए जाएंगे।

लगभग 1.5 करोड़ वोटरों को नोटिस बना विवाद की जड़
राज्य में SIR के तहत ‘लॉजिकल अंतर’ और ‘अनमैप्ड’ श्रेणी में करीब 1.5 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें उन्हें हियरिंग सेंटर पर उपस्थित होने को कहा गया है। टीएमसी का आरोप है कि इससे आम मतदाताओं में भय और भ्रम फैल रहा है। ममता बनर्जी पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर SIR पर चिंता जता चुकी हैं।

अभिषेक बनर्जी भी होंगे साथ
डायमंड हार्बर से सांसद और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी दिल्ली पहुंचकर इस विरोध में शामिल होंगे। दोनों शीर्ष नेता 3 फरवरी तक राजधानी में रह सकते हैं। संभावना है कि गुरुवार से टीएमसी सांसद और नेता चुनाव सदन के सामने धरना देंगे और SIR प्रक्रिया पर रोक की मांग करेंगे।

राष्ट्रीय राजनीति से जुड़ता मुद्दा
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में लंबे प्रवास के दौरान ममता बनर्जी विपक्षी दलों से संपर्क कर उन्हें साथ लाने की कोशिश करेंगी। इसी दौरान 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होना है और बजट सत्र कम से कम दो सप्ताह चलने की उम्मीद है, जिससे विरोध को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह धार मिल सकती है।

‘बंगाल शांति चाहता है’—ममता
वाटगंज में श्मशान घाट के शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग वोट के लिए राज्य में अशांति फैलाना चाहते हैं। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को मिल-जुलकर रहना चाहिए और किसी के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।

पृष्ठभूमि
बंगाल में SIR प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी। उसी दिन ममता और अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया था। अब दिल्ली में धरने के जरिए टीएमसी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने जा रही है।

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