हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ शुक्रवार 30 मई 2025 अलीगढ़
अलीगढ़, । उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों में बिजली वितरण के निजीकरण की प्रक्रिया के खिलाफ पूरे देश में बिजली कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। राष्ट्रीय कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर गुरुवार को देशभर के 27 लाख से अधिक बिजली कर्मचारी, अभियंता और जूनियर इंजीनियरों ने कार्यालयों पर प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघ के बैनर तले जिले की मुख्य सड़क पर कार्यस्थल पर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सरकार द्वारा नियुक्त ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट ग्रांट थॉटन द्वारा झूठा शपथ पत्र देने के बावजूद निजीकरण की खबरों से बिजली कर्मचारियों में भारी गुस्सा है। संघ ने इसे निजी घरानों से मिलीभगत का मामला करार देते हुए कहा कि यह सरकार की नीति पर सवाल उठाता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण का निर्णय घाटे के भ्रामक आंकड़ों के आधार पर ले रही है। महंगी दरों पर बिजली खरीदने से करीब 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को मुफ्त बिजली, गरीबी रेखा से नीचे के उपभोक्ताओं को 3 रुपये प्रति यूनिट और बुना कारीगरों आदि को दी जा रही सब्सिडी की राशि को सरकार घाटा बनाकर निजीकरण को सही ठहरा रही है।















