1. शिकागो में एएमयू का प्रतिनिधित्व
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज की प्रो. फातिमा खान ने अमेरिका के शिकागो में आयोजित एसएचईए स्प्रिंग कॉन्फ्रेंस 2026 में अंतरराष्ट्रीय एंबेसडर के रूप में भाग लिया। उन्होंने संक्रमण नियंत्रण और हेल्थकेयर एपिडेमियोलॉजी पर अपना शोध प्रस्तुत किया और वैश्विक विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने रश यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर का भी दौरा किया और आधुनिक चिकित्सा प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। प्रो. खान ने वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों और सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की, जिससे एएमयू की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूती मिली।
2. एआई और फार्माकोविजिलेंस पर विचार साझा
एएमयू के प्रो. सैयद जियाउर रहमान ने जामिया हमदर्द में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया। उन्होंने फार्माकोविजिलेंस में एआई के उपयोग पर अपने विचार रखते हुए कहा कि तकनीक अपनाने से पहले छात्रों की बुनियादी समझ मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्र के बीच बढ़ते अंतर को रेखांकित किया और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के बढ़ते उपयोग की चर्चा की। प्रो. रहमान ने स्पष्ट किया कि एआई मानव विशेषज्ञता का विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी उपकरण होना चाहिए, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर परिणाम मिल सकें।
3. प्रो. खुर्शीद आलम बने विभागाध्यक्ष
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के जैव रसायन विभाग में प्रो. खुर्शीद आलम को तीन वर्ष के लिए विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्हें 30 वर्षों से अधिक का शिक्षण और शोध अनुभव है और 100 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं। उनका शोध मधुमेह और स्व-प्रतिरक्षित रोगों पर केंद्रित है। प्रो. आलम कई पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन कर चुके हैं और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। वे पहले भी विभागाध्यक्ष रह चुके हैं और एएमयू की अकादमिक परिषद के सदस्य भी रहे हैं।
4. करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित
एएमयू के सर रॉस मसूद हॉल में छात्रों के लिए करियर उन्मुख कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें केएफयूपीएम, सऊदी अरब के ग्रेजुएट एंबेसडर इंजीनियर मुदस्सिर हसन खान और इंजीनियर अब्दुल समद ने भाग लिया। उन्होंने विदेश में शिक्षा, प्रवेश प्रक्रिया और करियर अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संवाद सत्र के माध्यम से अपनी जिज्ञासाएं रखीं। आयोजन का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक अवसरों के प्रति जागरूक करना और उन्हें बेहतर करियर विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करना रहा।
5. 15 छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट में चयन
एएमयू के 15 छात्रों का चयन अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा आयोजित कैंपस प्लेसमेंट में ‘एसोसिएट’ पद के लिए हुआ। चयन प्रक्रिया में विभिन्न संकायों के छात्रों ने भाग लिया। सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने छात्रों को बधाई देते हुए इसे उनकी मेहनत और विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परिणाम बताया। चयनित छात्रों ने सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई। प्लेसमेंट अधिकारी साद हमीद ने बताया कि छात्रों की स्पष्ट सोच और समर्पण की सराहना की गई।
6. मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं शिविर आयोजित
आरएमपीएस एएमयू सिटी स्कूल में छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और सोशल मीडिया के प्रभाव पर चर्चा की। स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टरों ने छात्रों का परीक्षण कर परामर्श दिया। वक्ताओं ने छात्रों को अपनी समस्याएं साझा करने और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना तथा उन्हें तनाव से निपटने के लिए जागरूक करना रहा।
7. ‘बज्म-ए-मियार 2026’ का आयोजन
एएमयू किशनगंज केंद्र में ‘बज्म-ए-मियार 2026’ वार्षिक हॉल सप्ताह का आयोजन हुआ। दो दिवसीय कार्यक्रम में वाद-विवाद, क्विज, ट्रेजर हंट, स्पेल बी और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना और टीम वर्क की भावना विकसित करना रहा। आयोजकों और शिक्षकों ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और छात्रों को भविष्य में भी सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
8. प्रो. अशहर कदीर बने विभागाध्यक्ष
एएमयू के यूनानी मेडिसिन संकाय के कुल्लियात विभाग में प्रो. अशहर कदीर को तीन वर्ष के लिए विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्हें 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है और उन्होंने जामिया हमदर्द में भी सेवाएं दी हैं। उन्होंने यूनानी चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में कई शोध कार्य किए हैं। उनकी रुचि पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने में है। प्रो. कदीर को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कई सम्मान भी मिल चुके हैं और वे विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय रहते हैं।
9. ऑटिज्म पर आमंत्रित व्याख्यान
जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉ. मोहम्मद रियाजुद्दीन ने लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज में ऑटिज्म पर व्याख्यान दिया। उन्होंने ऑटिज्म की पहचान, निदान और उपचार पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समय पर हस्तक्षेप और सामाजिक स्वीकृति के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में डॉक्टरों, छात्रों और अभिभावकों ने भाग लिया। उन्होंने विश्व ऑटिज्म जागरूकता सप्ताह के महत्व को भी बताया और समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
10. मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला श्रृंखला शुरू
एएमयू ने “माइंड मैटर्स: स्टूडेंट्स वेलबीइंग सीरीज” के तहत मानसिक स्वास्थ्य कार्यशालाओं की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और तनाव से निपटने के उपाय सिखाना है। विभिन्न स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें माइंडफुलनेस, ब्रेन जिम और कॉग्निटिव तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा संचालित यह कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
















