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2027 चुनाव से पहले योगी कैबिनेट का बड़ा दांव, ब्राह्मण-दलित और ओबीसी समीकरण साधने की कोशिश
योगी सरकार का कैबिनेट विस्तार बना चुनावी रणनीति का हिस्सा
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की कैबिनेट का विस्तार राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। भाजपा ने इस विस्तार के जरिए ब्राह्मण, दलित और ओबीसी वोट बैंक को साधने की रणनीति अपनाई है। रविवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल Anandiben Patel ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
📍रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक & सपा सरकार के कैबिनेट मंत्री रहे मनोज कुमार पांडे योगी सरकार में मंत्री पद की राजभवन में शपथ
📍BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी
राजभवन में मंत्रीपद की शपथ
भूपेंद्र चौधरी योगी आदित्यनाथ की सरकार (2017-2022) में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं
📍BJP विधायक कैलाश सिंह राजपूत -179 तिर्वा विधानसभा, कन्नौज राजभवन में मंत्रिपद की शपथ
📍वाराणसी में BJP के जिलाध्यक्ष और MLC हंसराज विश्वकर्मा राजभवन में मंत्रिपद की शपथ
📍BJP विधायक सुरेंद्र दिलेर खैर विधानसभा अलीगढ़ राजभवन में मंत्रिपद की शपथ
📍BJP विधायक कृष्णा पासवान
खागा विधानसभा फतेहपुर राजभवन में मंत्रिपद की शपथ
📍BJP के विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर राज्य मंत्री
उत्तर प्रदेश सरकार में ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत है इनका कद योगी सरकार में बढ़ाया जा रहा है राजभवन में शपथ लेंगे, मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
📍BJP विधायक अजीत पाल विधानसभा सिकंदरा (कानपुर देहात) योगी सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री हैं इनके कद में इज़ाफ़ा किया जा रहा है यह भी राजभवन में शपथ
ब्राह्मण चेहरे के तौर पर मनोज पांडे को मिली जगह
पूर्व केंद्रीय मंत्री Jitin Prasada के केंद्र में जाने के बाद योगी कैबिनेट में ब्राह्मण कोटे की एक सीट खाली हुई थी। भाजपा ने इस स्थान पर रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडे को मौका दिया। मनोज पांडे समाजवादी पार्टी सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और अवध-पूर्वांचल के बड़े ब्राह्मण नेताओं में गिने जाते हैं। वे विधानसभा में सपा के चीफ व्हिप भी रह चुके हैं। भाजपा को उम्मीद है कि उनके जरिए ब्राह्मण समाज में मजबूत संदेश जाएगा।
दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश

भाजपा ने दलित समुदाय को साधने के लिए कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान संघर्षशील महिला नेता मानी जाती हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से राजनीति तक का उनका सफर काफी चर्चा में रहा है। वहीं अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर भाजपा के युवा दलित चेहरों में शामिल हैं। उनके परिवार का लंबे समय से राजनीति में प्रभाव रहा है।
ओबीसी और जाट समीकरण पर भी फोकस
कैबिनेट विस्तार में ओबीसी समुदाय को भी खास महत्व दिया गया है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को मंत्री बनाकर पश्चिमी यूपी के जाट वोट बैंक को साधने की कोशिश की गई है। इसके अलावा हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश सिंह राजपूत को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। हंसराज विश्वकर्मा लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। वहीं कैलाश राजपूत कई दलों में रहने के बाद भाजपा के मजबूत क्षेत्रीय नेता बने।
महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर
योगी सरकार में पहले से पांच महिला मंत्री हैं। अब कृष्णा पासवान को शामिल कर भाजपा ने महिला और दलित दोनों वर्गों को साधने का संदेश दिया है। भाजपा महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही है।
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