हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 16 अप्रैल: 2025,
वक्फ संशोधन कानून 2025: अब देश वक्फ से नहीं, संविधान से चलेगा – कुंवर बासित अली
भ्रांतियों को खत्म करने के लिए बीजेपी का प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान
उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने वक्फ संशोधन कानून 2025 को लेकर फैल रहे भ्रम और अफवाहों को दूर करने के लिए कमर कस ली है। 19 अप्रैल से पूरे प्रदेश में विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें बीजेपी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और सरकारी प्रतिनिधि मुस्लिम समाज के घर-घर जाकर लोगों को यह समझाएंगे कि यह कानून मुस्लिम विरोधी नहीं, बल्कि उनके हित में है।
“अब देश वक्फ से नहीं, संविधान से चलेगा” – कुंवर बासित अली
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और सरकार द्वारा गठित जनजागरूकता कमेटी के सदस्य कुंवर बासित अली ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा,
“अब देश वक्फ से नहीं, बल्कि संविधान से चलेगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड के नाम पर मौजूद संपत्तियों का वर्षों से दुरुपयोग हो रहा था, और उनकी कमाई कुछ गिने-चुने लोगों की जेब में जाती थी। अब यह पैसा सीधे मुस्लिम समाज के गरीबों, महिलाओं और जरूरतमंदों के कल्याण में खर्च किया जाएगा।
यह कानून केवल अवैध कब्जों के खिलाफ है, न कि वक्फ के
कुंवर बासित अली ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल लोगों को डराने का काम कर रहे हैं कि वक्फ संपत्ति को हड़पा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नया कानून केवल अवैध कब्जों के खिलाफ है।
“जिन नेताओं ने सालों से वक्फ जमीनों पर कब्जा कर रखा है, अब उन्हीं से यह संपत्ति मुक्त कराई जाएगी।”
वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन: पारदर्शिता और जवाबदेही की पहल
केंद्र सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन कर उसे अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की कोशिश की गई है। नए कानून के तहत:
- वक्फ संपत्तियों के रखरखाव और उपयोग का ब्योरा अनिवार्य होगा।
- आय के स्रोतों की जानकारी देना जरूरी होगा।
- वक्फ बोर्ड की जवाबदेही तय की जाएगी और उसकी कार्यप्रणाली संविधान के अनुरूप लाई जाएगी।
अल्पसंख्यक मोर्चा की होगी बड़ी भूमिका
इस जनजागरूकता अभियान में बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा की बड़ी भूमिका होगी। कार्यकर्ता लोगों को यह भरोसा दिलाएंगे कि सरकार उनके खिलाफ नहीं है, बल्कि उनके हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है। यह कानून न्याय, समानता और पारदर्शिता की दिशा में एक मजबूत कदम बताया जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में हलचल, विपक्ष की रणनीति पर बीजेपी की नजर
बीजेपी इस अभियान के जरिए न सिर्फ मुस्लिम समुदाय को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है, बल्कि विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रम की स्थिति को भी खत्म करना चाहती है। 19 अप्रैल से शुरू हो रहे इस अभियान पर राजनीतिक विश्लेषकों और दलों की पैनी नजर बनी हुई है।














