हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
पीएम मोदी नहीं गए, भारत सरकार की ओर से राज्यपाल सैयद अता हसनैन और केंद्रीय मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने किया प्रतिनिधित्व, कांग्रेस से सलमान खुर्शीद हुए शामिल
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने की प्रक्रिया शुक्रवार सुबह तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला से शुरू हुई। खामेनेई के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने के लिए दुनिया भर से नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों का पहुंचना जारी है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, अंतिम संस्कार में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा किया गया है।
भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। उनकी जगह बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को भी निमंत्रण मिला था, लेकिन उनके कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस और कश्मीर से भी प्रतिनिधित्व
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी ईरान की ओर से आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने स्वयं जाने के बजाय पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद को पार्टी का प्रतिनिधि बनाकर भेजा। सलमान खुर्शीद ने कहा कि वह कांग्रेस और उसके अध्यक्ष की ओर से ईरान पहुंचे हैं।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार में शामिल होने तेहरान पहुंचीं। उनकी और सलमान खुर्शीद की खामेनेई के ताबूत के सामने श्रद्धांजलि देते हुए तस्वीरें भी सामने आई हैं। वहीं, अंजुमन-ए-शरिया शिया के अध्यक्ष आगा सैयद हसन मोसावी अल सफवी को भी निमंत्रण मिला था, लेकिन संगठन के अनुसार उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोक दिया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को भी निमंत्रण मिला था, हालांकि उनके ईरान पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
धर्मगुरुओं का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा
राजनीतिक प्रतिनिधियों के अलावा भारत से हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के धर्मगुरुओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी तेहरान पहुंचा। सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित कर शांति और सद्भाव की प्रार्थना की।













