हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
जांच में VIP दर्शन नेटवर्क, अवैध वसूली और मंदिर कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से जुड़े कई अहम खुलासे; पुलिस ने छिपाई गई कीमती वस्तु भी बरामद की।
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच के अनुसार, मंदिर से चोरी किए गए चंदे का बंटवारा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के पास एक तय स्थान पर किया जाता था। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, कमलेश पांडेय, टिन्नू यादव समेत आठ लोगों के इसी स्थान पर रकम बांटने की बात सामने आई है।
पुलिस रिमांड पर लिए गए कथित मास्टरमाइंड अविनाश शुक्ला को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां उसने वह जगह दिखाई जहां चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था। जांच के दौरान इसी स्थान से एक कीमती वस्तु भी बरामद की गई है, जिसे आरोपियों ने कथित तौर पर छिपाकर रखा था। पुलिस अब इस बरामदगी और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
टिन्नू यादव के नेटवर्क की जांच तेज
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी टिन्नू यादव ने मंदिर परिसर में अपना प्रभावशाली नेटवर्क बना रखा था। बताया जा रहा है कि उसके भाई के पास काउंटिंग रूम की चाबी रहती थी और उसके कई रिश्तेदार भी मंदिर परिसर में कार्यरत थे। आरोप है कि वह वॉकी-टॉकी के जरिए निर्देश देता था और वाहनों की आवाजाही तक उसके संकेत पर नियंत्रित होती थी। पुलिस इन दावों की भी गहन जांच कर रही है।
VIP दर्शन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि मंदिर के निशुल्क VIP पास का दुरुपयोग कर श्रद्धालुओं से कथित रूप से 500 से 2,000 रुपये तक वसूले जाते थे। आरोप है कि होटल, होमस्टे और कुछ बाहरी लोगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को VIP दर्शन का लालच देकर यह वसूली की जाती थी। “छोटू” नाम के एक व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।














