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Budget 2026: ट्रंप की टैरिफ सख्ती पर भारत का बड़ा वार, 1 फरवरी को खुलेगा निर्मला सीतारमण का मास्टर प्लान

Budget 2026: ट्रंप की सख्ती के बीच भारत का मास्टर प्लान, 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण का करारा जवाब

नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाला आम बजट 2026 मोदी सरकार के लिए केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के बीच रणनीतिक जवाब भी माना जा रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए कड़े आयात शुल्क और वैश्विक मंदी की आशंका ने भारत की चिंता बढ़ाई है। ऐसे समय में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने दोहरी चुनौती है—आर्थिक विकास को रफ्तार देना और आम आदमी व कारोबारियों को राहत पहुंचाना।

ट्रंप के टैरिफ पर सरकार का मास्टरस्ट्रोक

बजट 2026 में सरकार का फोकस ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और बेहतर बनाने पर रहेगा। अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करने के लिए आयात शुल्क ढांचे को सरल किया जा सकता है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स नियमों को आसान बनाकर छोटे और मझोले व्यापारियों को राहत देने की तैयारी है। इससे न केवल कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ घटेगा, बल्कि निवेश और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड खर्च

मंदी की आहट के बीच सरकार का मानना है कि मजबूत बुनियादी ढांचा ही विकास का इंजन बनेगा। इस बार पूंजीगत व्यय 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। सड़कों, बंदरगाहों, ऊर्जा और शहरी ढांचे पर भारी निवेश से निर्माण क्षेत्र में रोजगार बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक हालात को देखते हुए रक्षा बजट में भी बढ़ोतरी संभव है।

राजकोषीय घाटा और वित्तीय अनुशासन

सरकार राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है। अगले वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.2% तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आरबीआई और अन्य वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले लाभांश पर भरोसा किया जा सकता है, जो करीब 3 लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है।

राजनीति और कूटनीति की झलक

बजट में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कुछ राज्यों के लिए विशेष घोषणाएं संभव हैं। साथ ही, यूरोपीय यूनियन और कनाडा के साथ व्यापार संबंध मजबूत करने की कोशिशें यह संकेत देती हैं कि भारत अमेरिका और चीन पर निर्भरता कम कर नए साझेदार तलाश रहा है।

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