हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
अयोध्या दौरे में चढ़ावा विवाद पर पहली बार खुलकर बोले मुख्यमंत्री
अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा प्रबंधन में कथित गड़बड़ी के मामले पर पहली बार खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) मामले की निष्पक्ष जांच कर रहा है और 15 दिनों के भीतर सच्चाई सामने आ जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
‘जिसके पास सबूत हो, SIT को दे’
हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के पास मामले से जुड़े प्रमाण हैं तो उन्हें जांच एजेंसी को सौंपना चाहिए। उन्होंने रामभक्तों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि 500 वर्षों तक इंतजार करने वाले श्रद्धालु 15 दिन और प्रतीक्षा कर सकते हैं।
विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी कारसेवकों पर गोलियां चलाते थे और “जय श्रीराम” बोलने वालों पर लाठियां बरसाते थे, वही आज रामभक्तों की चिंता करने का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे लोगों के दोहरे चरित्र को अच्छी तरह पहचानती है।
‘अयोध्या को बदनाम करने की साजिश’
मणिराम दास छावनी में महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम और रामजन्मभूमि की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, वे आज रामभक्ति का दावा कर रहे हैं।
378 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 378 करोड़ रुपये की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने रामायण वैक्स म्यूजियम का उद्घाटन भी किया तथा विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा दौरा
राम मंदिर दान प्रबंधन को लेकर उठे विवाद और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच मुख्यमंत्री का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें SIT जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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