हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 26 अप्रैल: 2025,
आसिफ अली की मृत्यु की जांच के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम नामित
अलीगढ़, 26 अप्रैल 2025: जिला मजिस्ट्रेट संजीव रंजन द्वारा वरिष्ठ जेल अधीक्षक के अनुरोध पर सिद्धदोष वारिस अली पुत्र आसिफ अली की मृत्यु के मामले में अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बंदी का विवरण
अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर अमित कुमार भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि सिद्धदोष बंदी वारिस अली, उम्र लगभग 65 वर्ष, ग्राम मिर्जापुर थाना जवां के निवासी थे। वह पॉक्सो एक्ट के तहत दोषसिद्ध थे और जिला कारागार में निरुद्ध थे।
सजा का विवरण
वारिस अली को मा० न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो), कोर्ट संख्या-02 द्वारा 23 अगस्त 2024 को धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत 20 वर्षों के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया था। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में उन्हें 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना था।
स्वास्थ्य बिगड़ने की घटनाएं
बंदी वारिस अली को 30 मार्च 2025 को सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के चलते कारागार चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। 2 अप्रैल 2025 को उन्हें सांस लेने में तकलीफ (Breathlessness), चक्कर (Vertigo) और रक्त में शर्करा की कमी (Hypoglycemia) की समस्याएं उत्पन्न हुईं।
जे०एन० मेडिकल कॉलेज में रेफर
स्थिति गंभीर होने पर कारागार चिकित्साधिकारी द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तत्काल जे०एन० मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां वे भर्ती रहकर उपचार प्राप्त कर रहे थे।
मृत्यु की पुष्टि
इलाज के दौरान, 12 अप्रैल 2025 को अपराह्न 2:10 बजे वारिस अली की जे०एन० मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हो गई।
जांच आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने हेतु अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम को जांच अधिकारी के रूप में नामित किया है।














