हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑15 मई : 2025
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। बुधवार सुबह से ही दिल्ली की हवा में धूल और धुंध का कहर छाया हुआ है। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई है और लोग सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। इस स्थिति को लेकर सियासी घमासान भी तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भाजपा सरकार को प्रदूषण पर घेरते हुए इसे ‘प्रबंधन विफलता’ करार दिया है।
15 मई को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के पार पहुंच गया, जो गंभीर स्तर से भी ऊपर माना जाता है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मई महीने में इतनी खराब हवा पहले कभी नहीं देखी। यह भाजपा सरकार के पर्यावरण प्रबंधन की विफलता का नतीजा है।”
दिल्ली-NCR के प्रमुख इलाकों में एक्यूआई स्तर
| क्षेत्र | AQI स्तर |
|---|---|
| पूसा | 244 |
| शादीपुर | 287 |
| पंजाबी बाग | 358 |
| चांदनी चौक | 198 |
| लोधी रोड | 284 |
| आईटीओ | 231 |
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सवाल उठाया है कि अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़े एक-दूसरे से मेल क्यों नहीं खाते। उन्होंने सरकारी और निजी स्रोतों से प्रदूषण के आंकड़ों में भारी अंतर को लेकर पारदर्शिता की मांग की।
आप नेता मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा, “दिल्ली में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार सिर्फ धुआं छोड़ रही है। न कोई योजना है, न जवाबदेही। दिल्ली को साफ हवा चाहिए, न कि भाषण और जुमले।”
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने 2022 से 2024 तक 15 मई के AQI आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि “इन तीन वर्षों में कभी भी AQI 243 से ऊपर नहीं गया, लेकिन इस बार यह 500 पार हो गया है। भाजपा को इसके लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा कहां हैं?”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “जब न पराली जल रही है, न सर्दी है, फिर भी दिल्ली की हवा में ज़हर घुला हुआ है। यह स्थिति टूटी सड़कों से उड़ती धूल, वाहनों के धुएं और कूड़ा जलाने के कारण पैदा हुई है।”
यादव ने यह भी कहा कि “भाजपा और आप दोनों सरकारें प्रदूषण पर पूरी तरह फेल हो गई हैं। जनता से किए गए हरित और स्वच्छ दिल्ली के वादे सिर्फ खोखले जुमले साबित हुए हैं।”
आप और कांग्रेस दोनों दलों ने सरकार से तत्काल एक्शन प्लान जारी करने और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई करने की मांग की है। दोनों पार्टियों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वास्तविक कार्यवाही दिखाई देनी चाहिए।
















