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DUSU चुनाव 2025: एबीवीपी ने मारी बाजी, तीन पदों पर जीत

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 के नतीजे घोषित हो गए हैं। इस बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखते हुए अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव समेत तीन अहम पद अपने नाम किए। कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) को केवल उपाध्यक्ष पद से संतोष करना पड़ा।

आर्यन मान बने अध्यक्ष

21 राउंड की मतगणना के बाद एबीवीपी के आर्यन मान ने 28,821 वोटों के साथ अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। एनएसयूआई की जोस्लिन नंदिता चौधरी 12,645 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि एसएफआई–AISA गठबंधन की अंजलि को 5,385 वोट मिले।

सचिव और संयुक्त सचिव पर एबीवीपी का कब्ज़ा

सचिव पद पर एबीवीपी के कुणाल चौधरी ने 23,779 वोट पाकर एनएसयूआई के कबीर (9,525 वोट) को हराया। संयुक्त सचिव पद पर भी एबीवीपी की दीपिका झा ने 21,825 वोटों से जीत दर्ज की। उनके सामने एनएसयूआई के लवकुश भड़ाना थे, जिन्हें 17,380 वोट मिले।

उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई का कब्ज़ा

उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के राहुल झांसला ने 29,339 वोटों के साथ जीत दर्ज की। उन्होंने एबीवीपी के गोविंद तंवर को 8,792 वोटों से हराया। एनएसयूआई ने इस जीत को महत्वपूर्ण बताते हुए दावा किया कि उन्होंने पूरे तंत्र के खिलाफ चुनाव लड़ा और फिर भी छात्रों का विश्वास जीता।

विवाद और आरोप–प्रत्यारोप

चुनाव प्रक्रिया विवादों से भी घिरी रही। एबीवीपी और एनएसयूआई दोनों ने एक-दूसरे पर हिंसा और धांधली के आरोप लगाए। एबीवीपी ने एनएसयूआई के निवर्तमान अध्यक्ष रौनक खत्री पर किरोड़ी मल कॉलेज में हंगामा करने का आरोप लगाया, वहीं एनएसयूआई उम्मीदवार जोस्लिन चौधरी ने दावा किया कि कुछ ईवीएम पर गड़बड़ी की गई।

छात्रों का रुझान और राजनीतिक महत्व

इस बार 2.75 लाख से अधिक छात्रों ने मतदान किया और 39.36% मतदान दर्ज हुआ। यह पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी वृद्धि है। डीयूएसयू चुनाव को राष्ट्रीय राजनीति का मिनी–लिटमस टेस्ट माना जाता है, क्योंकि यहां से कई बड़े नेता उभर चुके हैं।

एबीवीपी की यह जीत उनके पिछले एक दशक से जारी वर्चस्व को और मजबूत करती है, जबकि एनएसयूआई की उपाध्यक्ष पद पर जीत ने यह संदेश दिया है कि छात्रों में उनकी पकड़ अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

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