हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 26 अप्रैल: 2025,
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में दी कड़ी चेतावनी, अगली समीक्षा में लापरवाह 5 अधिकारियों को मिलेगी प्रतिकूल प्रविष्टि
अलीगढ़, 26 अप्रैल 2025:
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कलैक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण में हो रही देरी और असंतोषजनक फीडबैक को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायतों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि कई विभाग समयबद्ध निस्तारण में विफल रहे हैं, जिसके चलते शासन स्तर से प्राप्त फीडबैक भी असंतोषजनक रहा है। मार्च माह के फीडबैक मूल्यांकन में जिले को 30 में से मात्र 8 अंक प्राप्त हुए हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के बीच शासन की सकारात्मक छवि बनाए रखने के लिए शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अत्यंत आवश्यक है।

शिकायतों के निस्तारण में संवाद और स्थायी समाधान पर दिया गया बल
डीएम संजीव रंजन ने निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के समय शिकायतकर्ता से संवाद करना अनिवार्य है। इससे समाधान की गुणवत्ता में सुधार होगा और शिकायतकर्ता भी संतुष्ट होगा।
उन्होंने कहा कि प्रथम बार में ही समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि शिकायतें दोहराई न जाएं। इसके अलावा अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे स्थलीय निरीक्षण करते समय उसके फोटोग्राफ्स भी आख्या के साथ संलग्न करें।
समीक्षा बैठक में विभागवार लंबित शिकायतों की हुई कड़ी समीक्षा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए देरी के कारणों की जानकारी ली। असंतोषजनक उत्तर मिलने पर कई अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई।
मार्च माह के आंकड़ों के अनुसार नगर निगम में 80, सभी तहसीलों में एसडीएम एवं तहसीलदार स्तर पर 440 और एक्सईएन विद्युत स्तर पर 51 असंतोषजनक फीडबैक दर्ज किए गए हैं।
चेतावनी: लापरवाही पर तय होगी व्यक्तिगत जवाबदेही
डीएम ने सख्त चेतावनी दी कि यदि शिकायतों का समय से समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में जो 5 अधिकारी सबसे अधिक लापरवाह पाए जाएंगे, उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
अपर जिलाधिकारी ने भी दिए सख्त निर्देश
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मीनू राणा ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त सभी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि समाधान तर्कसंगत, स्थायी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए ताकि शिकायतकर्ता पूर्णतः संतुष्ट हो सके।
उन्होंने भी जोर देकर कहा कि जन शिकायतों का प्रभावी समाधान प्रशासन की विश्वसनीयता का आधार है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
बैठक में सभी विभागीय अधिकारी रहे उपस्थित
इस समीक्षा बैठक में नगर मजिस्ट्रेट रामशंकर, समस्त एसडीएम, पीडी डीआरडीए भाल चन्द त्रिपाठी, डीडीओ आलोक आर्य, जिला आपूर्ति अधिकारी अभिनव सिंह सहित सभी बीडीओ, एडीओ एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।














