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यूपी में नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें, हर जिले में बनेंगे डिटेंशन सेंटर

लखनऊ, हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:।
उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शनिवार को नया टैरिफ आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि इस वर्ष भी बिजली की दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी। यह लगातार छठा साल है जब उपभोक्ताओं को बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं झेलनी पड़ेगी। इस तरह यूपी देश का पहला राज्य बन गया है, जहां छह साल से बिजली दरें स्थिर बनी हुई हैं।

पावर कार्पोरेशन ने विभिन्न श्रेणियों में लगभग 45 प्रतिशत तक दर बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग के सामने रखा था, लेकिन आयोग ने इसे औचित्यहीन मानकर खारिज कर दिया। पिछली बार बिजली दरें वित्तीय वर्ष 2019-20 में संशोधित की गई थीं। नया टैरिफ आदेश प्रकाशित होने के सात दिन बाद लागू होगा।

आयोग ने अपने आदेश में बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य को कुल 163,778.24 मिलियन यूनिट बिजली की आवश्यकता होगी, जिसकी खरीद पर 1,10,993.33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जबकि डिस्कॉम ने इससे अधिक—164,592.49 मिलियन यूनिट और 1,12,865.33 करोड़ रुपये—का एआरआर दाखिल किया था। आयोग ने डिस्कॉम के 13.77% की तुलना में 13.35% वितरण घाटे को मंजूरी दी है।

उपभोक्ताओं से 86,183.29 करोड़ रुपये राजस्व का अनुमान लगाया गया है, जबकि यूपी सरकार 17,100 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान करेगी। आयोग के अनुसार सभी डिस्कॉम को कुल 1,03,283.29 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। इसके बावजूद वर्ष 2025-26 में कंपनियों को अनुमानित 7,710.04 करोड़ रुपये का घाटा रहेगा। हालांकि कंपनियों के पास एक अप्रैल 2025 तक 18,592.38 करोड़ रुपये की जमा अतिरिक्त राशि होगी, इसलिए दर बढ़ाने की जरूरत नहीं समझी गई।

बहुमंजिला इमारतों और टाउनशिप में सिंगल पॉइंट कनेक्शन से जुड़े मुद्दों पर आयोग अलग से परामर्श पत्र जारी करेगा। ‘हिन्दुस्तान’ ने पहले ही इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। आयोग ने नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) की दरें भी यथावत रखने का फैसला किया है। वर्तमान में एनपीसीएल उपभोक्ताओं को अतिरिक्त वसूली की भरपाई के लिए 10% छूट दी जा रही है।

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध घुसपैठ पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया कि अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करें और सत्यापन पूरा होने तक प्रत्येक जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जाएँ। सत्यापन के बाद अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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