हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 29 अप्रैल: 2025,
लखनऊ, 29 अप्रैल 2025 — बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एक अहम संदेश दिया है जिसमें उन्होंने पार्टी हित में निर्णयों को समझने और उनका सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने खासतौर पर उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान बनाए रखने की बात कही है जिन्हें कभी पार्टी से निकाला गया था, लेकिन बाद में उनमें सुधार आने पर पार्टी में वापस लिया गया है।
मायावती ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे कई उदाहरण रहे हैं जब पार्टी विरोधी गतिविधियों, लापरवाही या भावनात्मक बहाव में आकर कुछ लोगों ने गलतियां कीं और पार्टी को उन्हें बाहर करना पड़ा। लेकिन जब उनमें परिवर्तन देखा गया, उन्होंने माफी मांगी और पार्टी हित को प्राथमिकता दी, तो उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परंपरा बसपा में नई नहीं है, बल्कि पार्टी के गठन से ही ऐसा होता आ रहा है।
मायावती ने आकाश आनंद का विशेष रूप से उल्लेख किया
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर मायावती ने बसपा नेता आकाश आनंद का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि बहुजन समाज के कुछ स्वार्थी और अवसरवादी तत्व, जिन्होंने अलग-अलग पार्टियां और संगठन बना लिए हैं, वे मीडिया में जानबूझकर गलत प्रचार कर रहे हैं। उनका मकसद बसपा के वोटों को बांटना और पार्टी को कमजोर करना है।
मायावती ने ऐसे तत्वों से पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी और आकाश आनंद का मनोबल बढ़ाने को कहा ताकि वे पूरी ऊर्जा से पार्टी के कामों में लग सकें। उन्होंने ये भी निर्देश दिया कि पार्टी में जिन अन्य लोगों को भी दोबारा शामिल किया गया है, उन्हें भी पूरा सम्मान दिया जाए।
“पार्टी हित सर्वोपरि है”
मायावती का यह संदेश स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि बसपा में अनुशासन के साथ-साथ सुधार और पुनर्वास की भी गुंजाइश है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी हित को सर्वोपरि रखने और संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

















