हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 28 अप्रैल: 2025,
खेलते समय हुआ हादसा, किसी को भनक तक नहीं लगी
रविवार को लखनऊ के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गढ़ी गांव में स्थित कंचन ब्रिक फील्ड ईंट-भट्ठे पर दर्दनाक हादसा हो गया। सीतापुर जिले के हरगांव स्थित शेखपुर के मजरा खानपुर निवासी दीपक कुमार के दो बेटे, रवि (8) और सोहित (6), खेलते समय एक पांच फुट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गए और डूबकर उनकी मौत हो गई।
मजदूरी कर रहे थे माता-पिता, खेल रहे थे मासूम
दीपक कुमार अपनी पत्नी जूली और बेटी गुड़िया (4) के साथ ईंट पथाई का काम कर रहे थे। रविवार दोपहर जब दंपती बेटी के साथ झोपड़ी में भोजन के लिए पहुंचे तो उन्हें दोनों बेटे दिखाई नहीं दिए। उन्होंने अन्य मजदूरों के साथ बच्चों की तलाश शुरू की, लेकिन काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिला।
शाम को पानी भरे गड्ढे से दिखा बेटे का हाथ
करीब चार बजे के आसपास दीपक को झोपड़ी के पास बने गड्ढे में पानी से बाहर निकला एक हाथ नजर आया। शोर मचाने पर अन्य मजदूर वहां इकट्ठा हुए और पानी में उतरकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
नहर कटने से भरा था पानी, नहीं थी कोई सुरक्षा व्यवस्था
गांव वालों ने बताया कि दो दिन पहले नहर कटने के कारण भट्ठे के गड्ढे में पानी भर गया था। आरोप है कि भट्ठा प्रबंधन ने पानी भरने के बाद भी कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया। अगर सुरक्षा व्यवस्था होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस का बयान: शिकायत पर होगी कार्रवाई
इंस्पेक्टर गोसाईंगंज ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक परिजनों ने किसी के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया है। यदि वे शिकायत करते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मासूमों के शव देख मां हुई बेहोश
जब दोनों बच्चों के शव बाहर निकाले गए तो उनकी मां जूली बेहोश हो गईं। आसपास की महिलाओं ने उन्हें संभाला। होश आने पर जूली अपने बेटों के शवों से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगीं। पिता दीपक भी आंखों में आंसू लिए देर तक अपने बेटों के शवों को निहारते रहे। मजदूरों ने किसी तरह उन्हें भी ढांढस बंधाया।
“अभी तो बच्चों ने दुनिया भी नहीं देखी थी”
दीपक और जूली बार-बार बिलखते हुए यही कह रहे थे कि “अभी तो बच्चों ने दुनिया भी नहीं देखी थी।” घटनास्थल का दृश्य बेहद मार्मिक और दुखद था।

















