हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली स्थित रायसीना हिल पर वर्षों से संचालित प्रधानमंत्री कार्यालय अब नए भवन ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित होगा। प्रधानमंत्री Narendra Modi शुक्रवार, 13 फरवरी को दोपहर 1:30 बजे सेवा तीर्थ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इससे पहले वे ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक स्थित मौजूदा पीएमओ में अंतिम कैबिनेट बैठक करेंगे। शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ परिसर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। उद्घाटन के साथ ही कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी राष्ट्र को समर्पित किए जाएंगे।
नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेंगे राष्ट्रीय संग्रहालय
ब्रिटिश काल में आर्किटेक्ट Herbert Baker द्वारा डिजाइन किए गए नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को अब ‘युगे-युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में परिवर्तित किया जाएगा। इस विश्वस्तरीय संग्रहालय में भारत की प्राचीन से आधुनिक सभ्यता तक की झलक प्रस्तुत की जाएगी। सरकार की योजना है कि यहां लगभग 25 से 30 हजार कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। इसे दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में शामिल करने की तैयारी है।
प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव
सेवा तीर्थ भवन में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही परिसर में संचालित होंगे, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर थे। यह कदम प्रशासनिक कार्यों के समेकन और बेहतर समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने इसे आजाद भारत के इतिहास में नया मोड़ बताया और कहा कि यह बदलाव औपनिवेशिक विरासत से आगे बढ़ने का प्रतीक है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर
नया परिसर डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालयों, व्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्रों और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, उन्नत मॉनिटरिंग नेटवर्क और एडवांस इमरजेंसी रिस्पॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की गई है। इससे सुरक्षा, दक्षता और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा। सेवा तीर्थ का उद्घाटन आधुनिक, कुशल और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।














