हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 30 अप्रैल: 2025,
अलीगढ़ – शहर के नाई के नगला निवासी रीना देवी पत्नी उमेश बाबू ने एक चौंकाने वाला मामला डीआईजी अलीगढ़ के सामने रखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके आधार कार्ड पर किसी दूसरी महिला की फर्जी फोटो लगाकर कुल 1,42,519 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। डीआईजी के निर्देश पर कोतवाली सदर पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रीना देवी ने शिकायती पत्र में बताया कि कुछ समय पहले उनका आधार कार्ड बस स्टॉप पर गिर गया था। इसी गुम हुए कार्ड का दुरुपयोग करते हुए किसी अज्ञात व्यक्ति ने एक महिला की फर्जी फोटो लगाकर उनके नाम से विभिन्न वित्तीय संस्थानों से रुपये निकाल लिए। जब रीना देवी को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत संबंधित संस्थानों से जानकारी प्राप्त की और पूरा मामला उजागर हुआ।
चार किस्तों में निकाले गए 1.42 लाख रुपये:
रीना देवी के अनुसार, चार अलग-अलग वित्तीय संस्थानों से फर्जी तरीके से कुल 1,42,519 रुपये की निकासी की गई है:
- एचडीएफसी बैंक से ₹25,559
- सैटिन कोडेर कार्ड नेटवर्क लिमिटेड से ₹40,000
- सोनाटा फाइनेंस से ₹44,960
- एसवीसीएल से ₹32,000
इस पूरे फर्जीवाड़े में आधार कार्ड की पहचान का गलत उपयोग कर लोन या निकासी की गई है, जिससे रीना देवी आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच:
डीआईजी के आदेश पर कोतवाली सदर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आधार कार्ड की फर्जी फोटो किसने लगाई और पैसे निकालने में किस-किस की भूमिका रही।
यह मामला न सिर्फ साइबर क्राइम का एक उदाहरण है, बल्कि आधार कार्ड से जुड़ी सुरक्षा खामियों की भी ओर इशारा करता है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस तत्परता से कार्रवाई कर रही है।












