नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: संसद के बजट सत्र 2026 के चौथे दिन लोकसभा में उस वक्त जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सत्तापक्ष के वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी बहस छिड़ गई। यह हंगामा करीब 44 मिनट तक चला, जिसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
धन्यवाद प्रस्ताव पर शुरू हुई चर्चा
बजट सत्र के चौथे दिन केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव पर लोकसभा में 18 घंटे और राज्यसभा में 16 घंटे की चर्चा का समय तय किया गया है। इसी चर्चा में भाग लेने के लिए राहुल गांधी खड़े हुए, लेकिन उनके बोलते ही सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।
नरवणे की किताब का हवाला बना विवाद
अपने भाषण की शुरुआत में राहुल गांधी ने डोकलाम मुद्दे का जिक्र करते हुए पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब का हवाला दिया। राहुल गांधी ने कहा कि देश आतंकवाद से लड़ने की बात करता है, लेकिन कुछ तथ्यों को पढ़ने और समझने से डरता है। उन्होंने कहा कि नरवणे ने अपनी किताब में डोकलाम की पूरी स्थिति का उल्लेख किया है और वे अपने बयान की जिम्मेदारी लेते हैं। इसी पर सत्तापक्ष ने तीखा विरोध जताया और सदन में हंगामा तेज हो गया।
राजनाथ सिंह का पलटवार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि यदि जनरल नरवणे को किसी फैसले पर आपत्ति थी, तो वे अदालत का रुख कर सकते थे। उन्होंने विपक्ष के नेता पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने जब चीन के टैंकों के कैलाश रेंज की ओर बढ़ने की बात कही, तो हंगामा और बढ़ गया।
स्पीकर ने दिलाए नियम
हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों को नियम 353 की याद दिलाते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करने से पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन नियमों के अनुसार ही चलेगा, अन्यथा अगले वक्ता को मौका दिया जाएगा।
अमित शाह का तीखा हमला
गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेता ने सदन के नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तापक्ष ने कभी विपक्ष की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाए, लेकिन नियमों का पालन सभी को करना चाहिए।
लगातार शोर-शराबे और गतिरोध के चलते अंततः लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दी गई।













