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ताजमहल के पास पेड़ काटने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त,बिना अनुमति पेड़ काटना प्रतिबंधित

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 1 मई : 2025,

ताजमहल के 5 किलोमीटर के दायरे में बिना अनुमति पेड़ काटना प्रतिबंधित

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि ताजमहल के 5 किलोमीटर के दायरे में बिना पूर्व अनुमति के पेड़ों की कटाई नहीं की जा सकती। कोर्ट ने 8 मई 2015 को दिए गए अपने मूल आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि भले ही काटे जाने वाले पेड़ों की संख्या 50 से कम हो, फिर भी अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

सीईसी और डीएफओ की पूर्व अनुमति जरूरी

जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि ताजमहल के 5 किलोमीटर से बाहर, लेकिन टीटीजेड (ताज ट्रेपेजियम जोन) के भीतर आने वाले क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई के लिए भी केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) के तहत आने वाले प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। इस अनुमति के दौरान उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के सभी प्रावधान लागू होंगे।

कटाई से पहले प्रतिपूरक वनरोपण समेत सभी शर्तें पूरी करनी होंगी

कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक पेड़ों की कटाई अत्यावश्यक न हो, तब तक DFO को यह शर्त लगानी होगी कि पेड़ों की कटाई तभी हो, जब प्रतिपूरक वनरोपण सहित अन्य सभी शर्तों का पालन किया जाए। यह फैसला पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता की रक्षा के दृष्टिकोण से लिया गया है।

केवल आपात स्थिति में दी जाएगी छूट

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पेड़ों को तुरंत नहीं काटा गया तो मानव जीवन को खतरा हो सकता है, ऐसे आपातकालीन मामलों में ही कटाई की अनुमति दी जा सकती है। अन्यथा सामान्य परिस्थितियों में कोई छूट नहीं दी जाएगी।

ट्रस्ट की याचिका खारिज, निजी भूमि पर भी अनुमति अनिवार्य

कोर्ट ने आगरा स्थित एक ट्रस्ट की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निजी भूमि पर पेड़ काटने के लिए पूर्व अनुमति की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की गई थी। कोर्ट का कहना था कि पर्यावरण की रक्षा के लिए निजी भूमि पर भी नियम समान रूप से लागू होंगे।

आगरा किला और फतेहपुर सीकरी के लिए भी प्रतिबंधों पर विचार

कोर्ट ने केंद्रीय समिति से एक रिपोर्ट मांगी है जिसमें यह बताया जाए कि क्या आगरा किला और फतेहपुर सीकरी जैसे अन्य विश्व धरोहर स्थलों की सुरक्षा के लिए भी इसी तरह के अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जाने चाहिए।

क्या है 2015 का सुप्रीम कोर्ट आदेश?

8 मई 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि टीटीजेड में बिना कोर्ट की पूर्व अनुमति के कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा। इस आदेश का उद्देश्य वनों की कटाई को रोकना और क्षेत्र की जैव विविधता को संरक्षित करना था। हालांकि, 11 दिसंबर 2019 को इस आदेश में कुछ संशोधन किए गए थे, जिनमें गैर-वन और निजी भूमि पर पेड़ काटने के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता को हटा दिया गया था, जिसे अब फिर से लागू कर दिया गया है।

क्या है ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ)?

ताज ट्रेपेजियम ज़ोन (TTZ) एक संरक्षित क्षेत्र है जो लगभग 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसमें उत्तर प्रदेश के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा और राजस्थान के भरतपुर जिले शामिल हैं। यह क्षेत्र विशेष रूप से ताजमहल जैसे ऐतिहासिक और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील स्मारकों की सुरक्षा के लिए निर्धारित किया गया है।

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