हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
न्याय की मांग को लेकर 28वें दिन भी जारी आर्थिक नाकेबंदी, हाईवे पर सुरक्षा कड़ी; इंफाल में टेलीकॉम वाहन को भीड़ ने फूंका
मणिपुर में एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल बन गया है। छह लियांगमाई नागा लोगों की हत्या के विरोध में नागा संगठनों द्वारा जारी आर्थिक नाकेबंदी के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2) पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। इंफाल पश्चिम प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नामदुइलोंग क्षेत्र में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की हैं।
यह विरोध प्रदर्शन 5 जून से जारी है और अब 28वें दिन में पहुंच चुका है। प्रदर्शनकारी उन छह नागा लोगों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं, जिनका कथित तौर पर 13 मई को अपहरण कर लिया गया था। करीब एक महीने बाद उनके क्षत-विक्षत शव बरामद हुए। आरोप है कि इस वारदात में हथियारबंद कुकी उग्रवादियों की भूमिका रही, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
प्रदर्शनकारी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कथित कबूलनामे वाले बयानों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। नामदुइलोंग क्रॉसिंग पर स्थानीय स्वयंसेवक और मैतेयी महिलाओं के सहयोग से इंफाल से कांगपोकपी जाने वाले सामान और आवश्यक वस्तुओं के वाहनों को रोका जा रहा है। हालांकि सुरक्षा बलों, आपातकालीन सेवाओं और सीमित संख्या में यात्री वाहनों को आवागमन की अनुमति दी गई है।
इधर, कुकी-जो समुदाय ने भी 30 जून से कांगपोकपी जिले में जवाबी प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि राज्य के सबसे महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय मार्ग को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए ताकि लोगों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो।
इस बीच, इंफाल पूर्व जिले में गुरुवार तड़के प्रदर्शनकारियों ने टेलीकॉम उपकरण ले जा रहे एक वाहन में आग लगा दी। भीड़ ने आरोप लगाया कि वाहन में प्रतिबंधित सामान ले जाया जा रहा था, जबकि पुलिस के अनुसार वाहन को सुरक्षा कारणों से वापस भेजा गया था। घटना के बाद पुलिस ने आगजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लगातार बढ़ते तनाव और विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रशासन हाईवे कॉरिडोर और संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।













