हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
उत्तराखंड के पवित्र धामों में से एक श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। शुभ मुहूर्त में कपाट बंद होने के बाद अब आगामी छह माह तक बाबा केदार की पूजा-अर्चना शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ (ओंकारेश्वर मंदिर) में संपन्न होगी। कपाट बंद होने के साथ ही धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही भी अगले वर्ष तक पूरी तरह स्थगित हो गई है।
कपाट बंद होने से पूर्व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुबह श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की। सीएम धामी ने प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास की कामना की। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के सफल संचालन में तीर्थ यात्रियों, प्रशासन, स्थानीय लोगों और सेवा संगठनों का अभूतपूर्व योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे, जो उत्तराखंड के तीर्थ-पर्यटन के लिए उत्साहवर्धक संकेत है।
कपाट बंद होने की भव्य प्रक्रिया में रावल, वेदपाठी, हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। बाबा केदार की भोग-मूर्ति को विधि-विधान से पुष्प-वस्त्रों से सजाया गया और डोली यात्रा के साथ ऊखीमठ के लिए प्रस्थान कराया गया। शीतकाल के दौरान पूरे नियमों और परंपराओं के अनुसार ओंकारेश्वर मंदिर में बाबा केदार की पूजा की जाएगी।
भारी बर्फबारी और मौसम की कठोर परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष की तरह नवंबर के बाद केदारनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। धाम के अगले वर्ष के कपाट पुनः खुलने तक भक्त ऊखीमठ में बाबा के दर्शन कर सकेंगे।

















