हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
लखनऊ,
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से रिक्त पड़े होमगार्डों के पदों पर अब नई भर्ती की राह साफ हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में होमगार्डों की नई भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध हो। इसके लिए पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड के सहयोग से एक नया बोर्ड गठित करने के भी निर्देश दिए गए।
करीब 50 हजार पद होंगे भरे
प्रदेश में कुल 1,18,348 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से वर्तमान में केवल 71,155 होमगार्ड सक्रिय हैं। इस प्रकार लगभग 47,193 पद रिक्त पड़े हुए हैं। माना जा रहा है कि पहले चरण में करीब 50 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इस कदम से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
चयन प्रक्रिया में सुधार
मुख्यमंत्री ने चयन प्रक्रिया में सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि भर्ती में पात्रता मानकों को समयानुकूल बनाया जाए, पंजीकरण की अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष तय हो और चयन में लिखित परीक्षा को अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही परीक्षण प्रणाली को और मजबूत करने पर भी बल दिया गया।
आपदा प्रबंधन का अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आपदा मित्रों और आपदा प्रबंधन का अनुभव रखने वाले लोगों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षित लोग होमगार्ड बल को और अधिक सक्षम तथा जनसेवा के प्रति समर्पित बनाएंगे।
उम्मीदें और तैयारी
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नई नामांकन व्यवस्था लागू होने के बाद होमगार्ड संगठन अधिक पेशेवर, प्रशिक्षित और जनता की सेवा में समर्पित स्वरूप में सामने आएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पंजीकरण की नई व्यवस्था शीघ्र तैयार की जाए ताकि भर्ती प्रक्रिया में देरी न हो।