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87% मतदान के बाद मतगणना पर सबकी नजर
पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर दोबारा हुए मतदान के बाद आज मतगणना होगी। 21 मई को हुए पुनर्मतदान में करीब 87 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। इस सीट के नतीजों को लेकर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। भाजपा को अपनी जीत का भरोसा है, जबकि कांग्रेस भी बड़े उलटफेर की उम्मीद कर रही है।
TMC उम्मीदवार हटने से मुकाबला हुआ दिलचस्प
फलता सीट पर इस बार मुकाबला और भी रोचक हो गया है क्योंकि चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान ने खुद को चुनावी मैदान से अलग कर लिया था। इसके बाद मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी, कांग्रेस और वाम दलों के बीच सिमट गया। चुनाव मैदान में बीजेपी के देबांग्शु पांडा, कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला, माकपा के शंभुनाथ कुर्मी और निर्दलीय उम्मीदवार दीप हाटी व चंद्रकांत राय शामिल हैं।
बीजेपी को जीत का भरोसा
भाजपा नेताओं का दावा है कि पार्टी ने क्षेत्र में मजबूत जनाधार तैयार किया है। स्थानीय नेताओं के अनुसार पिछले लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर क्षेत्र में अभिषेक बनर्जी को बड़ी बढ़त मिली थी, लेकिन इस बार परिस्थितियां बदली हुई हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि अधिक मतदान का असर परिणामों में दिखाई देगा।
धांधली के आरोपों के बाद रद्द हुई थी वोटिंग
29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद कई बूथों पर ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने पूरे फलता विधानसभा क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया था। विपक्षी दलों ने भी दोबारा मतदान की मांग की थी। आयोग ने जांच के बाद 285 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया।
बंगाल की राजनीति पर पड़ेगा असर
फलता सीट का परिणाम केवल एक विधानसभा सीट का फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य की बदलती राजनीतिक तस्वीर के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। भाजपा जीत दर्ज करती है तो राज्य में उसकी स्थिति और मजबूत होगी, जबकि कांग्रेस की जीत विपक्ष के लिए नई उम्मीद बन सकती है।
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