गिल-कोहली के जल्दी लौटने के बाद संभाली पारी, आखिरी ओवरों में बरसाए चौके-छक्के
न्यू चंडीगढ़, 3 अक्टूबर। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिलने के बाद केएल राहुल ने तीसरे मैच में अपनी उपयोगिता साबित कर दी। राहुल ने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 87 गेंदों में नाबाद 129 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर 351 रन बनाकर वेस्टइंडीज के सामने 352 रन का लक्ष्य रखा।
मुल्लांपुर के न्यू चंडीगढ़ स्थित पीसीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान शुभमन गिल महज एक रन बनाकर और विराट कोहली खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए। दो विकेट जल्दी गिरने के बाद रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ ने पारी को संभाला। दोनों ने महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारत को शुरुआती झटके से उबारा। रोहित 92 रन बनाकर शतक से चूक गए, जबकि गायकवाड़ ने 57 रन की उपयोगी पारी खेली।
इसके बाद राहुल क्रीज पर आए और शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की। उन्होंने 41 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने रनों की गति बढ़ाई और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया। राहुल ने 80 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह उनके वनडे करियर का नौवां शतक था। इसके बाद भी उन्होंने आक्रामक अंदाज जारी रखा और 87 गेंदों में 129 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनकी पारी में 10 चौके और छह छक्के शामिल रहे।
राहुल की पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने भारतीय पारी के अंतिम चरण में तेजी से रन जुटाए। सातवां विकेट गिरने के बाद भारत ने आखिरी कुछ ओवरों में तेज रन बटोरे और 351 रन तक पहुंच गया। राहुल ने इस दौरान निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर पारी को मजबूत अंत दिया। उनका 129 रन का स्कोर वनडे क्रिकेट में उनका अब तक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी रहा।
पहले दो मुकाबलों में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के दम पर भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की थी। तीसरे मैच में मध्यक्रम को मौका मिला तो राहुल ने शतक लगाकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी। अब भारत की नजर 352 रन के लक्ष्य का बचाव कर सीरीज में क्लीन स्वीप करने पर है।













