हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ 21 मई : 2025
उत्तर प्रदेश राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के वार्षिक तबादले की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं अनुशासित बनाने के लिए शासन ने नए निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार तबादलों में माइनस मार्किंग सिस्टम को लागू किया गया है, जिससे दंडित शिक्षकों के भारांक में कटौती की जाएगी। साथ ही तबादलों की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और शिक्षकों को अपनी वरीयता अनुसार दस विद्यालयों तक के विकल्प ऑनलाइन आवेदन में देने होंगे।
मुख्य बिंदु:
- माइनस मार्किंग लागू: शासन के निर्देशानुसार, जिन शिक्षकों को लघु दंड मिला है, उनके भारांक से 5 नंबर काटे जाएंगे। वहीं, पिछले तीन वर्षों में यदि किसी शिक्षक को वृहद दंड मिला है तो 10 नंबर माइनस होंगे। इससे दंडित शिक्षकों के तबादले की संभावनाएं प्रभावित होंगी।
- रिक्तियों का प्रदर्शन सीमित: तबादले के लिए केवल उन विद्यालयों की रिक्तियां ऑनलाइन दिखेंगी, जहां तीन या तीन से कम सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालयों में भी इस नियम का पालन होगा, जहां तीन सहायक अध्यापक व तीन प्रवक्ता से कम शिक्षक हों, तभी रिक्ति दिखाई जाएगी। हालांकि, आकांक्षी जिलों में सभी रिक्तियां प्रदर्शित की जाएंगी।
- आयु और गुणांक के आधार पर वरीयता: जब दो या अधिक आवेदनकर्ताओं का गुणांक समान होगा, तो अधिकतम आयु वाले शिक्षक को प्राथमिकता दी जाएगी।
- विशेष श्रेणियों को अतिरिक्त अंक:
- दिव्यांग अभ्यर्थियों को 20 अंक
- दंपती दोनों की राजकीय सेवा में होने पर 20 अंक
- गंभीर बीमार होने या बच्चों के दिव्यांग होने पर 15 अंक
- सेवानिवृत्ति तक दो साल से कम बचे होने पर 15 अंक
- पहली नियुक्ति से दस साल की सेवा पूरी करने पर अधिकतम 20 अंक
- आवेदन की शर्तें: 31 मार्च 2022 के बाद नियुक्त शिक्षक ऑनलाइन तबादले के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। राजकीय बालिका इंटर और हाई स्कूल के लिए केवल महिला अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगी।
- तबादलों की सीमा एवं समयसीमा: इस वर्ष तबादलों की संख्या कुल शिक्षकों की संख्या का अधिकतम 10 प्रतिशत ही होगी। पूरी तबादला प्रक्रिया 15 जून तक पूरी कर ली जाएगी।
शिक्षा विभाग के विशेष सचिव उमेश चंद्र ने कहा कि ये निर्देश तबादले की प्रक्रिया को सख्त, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। माइनस मार्किंग प्रणाली लागू करने से अनुशासनहीनता पर नियंत्रण मिलेगा और गुणवत्ता में सुधार होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया से आवेदन सरल और ट्रैकिंग में भी सुविधा होगी।
इस नए प्रणाली के लागू होने से शिक्षकों में उत्साह और अनुशासन दोनों बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, शिक्षक वर्ग भी अब अपनी योग्यता, सेवा अवधि, आयु व अन्य मापदंडों के आधार पर बेहतर विकल्प चुन सकेंगे।
















