हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजे गए आरोपी
अयोध्या के चर्चित राम मंदिर दान गबन मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को जिला न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस ने किसी भी आरोपी की पुलिस रिमांड नहीं मांगी है। अधिकारियों के अनुसार, अदालत की छुट्टियों के बाद सोमवार को पुलिस रिमांड के लिए आवेदन किया जा सकता है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि नए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियोजन का दावा—79.85 लाख रुपये बरामद
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि अब तक इस मामले में कुल 79 लाख 85 हजार रुपये की बरामदगी की जा चुकी है। अभियोजन अधिकारी के अनुसार, सात आरोपियों के पास से नकदी बरामद हुई है, जबकि आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई नकद राशि नहीं मिली। बरामदगी का पूरा ब्यौरा अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के दौरान अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
स्कॉर्पियो से पेशी पर उठे सवाल
कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान सभी आरोपियों के चेहरों पर मास्क लगाए गए थे। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा इस बात की रही कि आरोपियों को अदालत लाने और वापस ले जाने के लिए कैदी वैन की बजाय स्कॉर्पियो वाहन का इस्तेमाल किया गया। आमतौर पर आरोपियों को पुलिस की कैदी वैन या सुरक्षा वाहन से लाया जाता है। ऐसे में इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि क्या आरोपियों को विशेष सुविधा दी गई। फिलहाल इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और जरूरत पड़ने पर आगे पुलिस रिमांड लेकर आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। मामले में बरामद साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है।
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