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इंजीनियर बनने का सपना अधूरा रह गया: तीन बहनों में इकलौता बेटा निकेश प्रयागराज में एमएनएनआईटी हॉस्टल में मृत मिला

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ 24 मई : 2025

प्रयागराज। आईआईटी बेंगलुरु से जेईई मेन में टॉप रैंक हासिल कर कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई कर रहे छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र निकेश का सपना अधूरा ही रह गया। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) प्रयागराज के हॉस्टल में उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जैसे ही यह खबर उसके परिवार को मिली, पूरे गांव में मातम छा गया। पिता अमृत लाल अपने इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही बेसुध हो गए। शव देखकर वे फफक पड़े और बस यही कहते रहे – “बेटा, तुझे तो इंजीनियर बनना था… बिना सपना पूरा किए ही तू हमें छोड़ गया।”

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के बिर्रा थाना अंतर्गत गांव सेमरिया निवासी निकेश बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहा। तीन बहनों में वह इकलौता बेटा था और परिवार की उम्मीदों का केन्द्र। फूफा दिवेश कुमार के मुताबिक, निकेश शुरू से ही मेहनती और लगनशील था। उसने अपने गांव के एकमात्र अच्छे स्कूल से पढ़ाई की और 2024 में जेईई मेन में टॉप रैंक हासिल की। इसके बाद उसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में गिने जाने वाले एमएनएनआईटी प्रयागराज में बीटेक कंप्यूटर साइंस में दाखिला मिला।

पिता अमृत लाल एक किसान हैं और खेती से ही परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की पढ़ाई और भविष्य को संवारने के लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। निकेश के हाथ की कुछ अंगुलियों में समस्या थी, इसके बावजूद उसने जेईई में अच्छा प्रदर्शन किया। कॉलेज में एडमिशन, हॉस्टल और लैपटॉप जैसे जरूरी खर्चों के लिए उन्होंने करीब ढाई लाख रुपये खर्च किए। इसमें से कुछ पैसे उन्होंने कर्ज लेकर जुटाए थे।

शुक्रवार तड़के पांच बजे जैसे ही परिवार को निकेश की मौत की सूचना मिली, गांव से पिता अमृत लाल, फूफा दिवेश कुमार और मामा ओमकार प्रयागराज के शिवकुटी थाने पहुंचे। इसके बाद वे पुलिस के साथ एमएनएनआईटी हॉस्टल और फिर एसआरएन अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस गए। जैसे ही पिता ने बेटे का शव देखा, वे फूट-फूट कर रो पड़े। बिलखते हुए बोले, “बेटा, तू मुझे क्यों छोड़कर चला गया। तुझे तो इंजीनियर बनना था।”

करीब दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया। देर शाम तक परिजन शव को लेकर गांव रवाना हो गए। गांव में जैसे ही शव पहुंचा, कोहराम मच गया। हर किसी की आंखें नम थीं। लोग यही कह रहे थे कि इतना होनहार बेटा, जो अपने दम पर आगे बढ़ा – वह इस तरह क्यों चला गया?

निकेश की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सके। कॉलेज प्रबंधन और हॉस्टल प्रशासन से भी पूछताछ की जा रही है।

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