अलीगढ़, 11 सितम्बर 2025। जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह चौधरी ने रबी सीजन की फसलों की बुआई को ध्यान में रखते हुए उर्वरक विक्रेताओं के लिए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं को चेतावनी दी कि हर फर्म प्रतिदिन अपने स्टॉक का प्रदर्शन पीओएस मशीन, स्टॉक बोर्ड और रेट बोर्ड पर अनिवार्य रूप से करे। साथ ही दुकान के सामने उपलब्ध उर्वरक का प्रदर्शन करना भी आवश्यक होगा। नियमों का पालन न करने वालों पर बिक्री रोकने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर विक्रेता किसान की खतौनी देखकर और मोबाइल नम्बर दर्ज करके ही बिक्री करेगा। साथ ही उर्वरक निर्धारित मूल्य पर ही बेचे जाएंगे और पीओएस मशीन से निकलने वाली पर्ची किसानों को अनिवार्य रूप से दी जाएगी।
डीएओ ने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक संस्तुतियों के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करें, ताकि उत्पादन बेहतर हो, लागत कम आए और मिट्टी की उर्वराशक्ति बनी रहे। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं – यूरिया 11,479 मीट्रिक टन, डीएपी 10,396 मीट्रिक टन, एमओपी 1,860 मीट्रिक टन, एनपीकेएस 10,791 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,039 मीट्रिक टन।
कृषि विभाग ने फसलवार संस्तुत मात्रा भी तय की है। गेहूं में प्रति हेक्टेयर 04 बोरे एनपीके + 06 बोरे यूरिया + 01 बोरा एमओपी या 03 बोरे डीएपी + 06 बोरे यूरिया + 02 बोरा एमओपी का प्रयोग उपयुक्त है। इसी प्रकार सरसों, दलहन, आलू, जौ और गन्ना के लिए भी अलग-अलग उर्वरक मिश्रण की सिफारिश की गई है।
कृषि अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि किसानों की मांग के अनुरूप शासन द्वारा निरंतर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।












