अवैध निर्माण रोकने को पारदर्शी व्यवस्था, मुख्यमंत्री योगी ने जल्द कार्ययोजना के निर्देश दिए
लखनऊ,हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
राज्य सरकार शहरों में अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नक्शा पास करने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और स्पष्ट बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि विकास प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों की सीमाओं को लेकर किसी भी तरह का भ्रम समाप्त किया जाए और जल्द से जल्द एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
बैठक में यह तय किया गया कि विकास प्राधिकरण की सीमा के भीतर अब जिला पंचायतें नक्शा पास नहीं करेंगी। वहीं, विकास प्राधिकरण सीमा से बाहर नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को नक्शा स्वीकृत करने का अधिकार मिलेगा। आवास विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह इस नई व्यवस्था की कार्ययोजना तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करे।
जिला पंचायतों को उपविधियों के पालन के निर्देश
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि मौजूदा व्यवस्था में अलग-अलग संस्थाओं द्वारा नक्शा पास किए जाने से अनियोजित विकास और अवैध निर्माण की समस्या बढ़ रही है। कई मामलों में जिला पंचायतों द्वारा नक्शा पास किए जाने पर विकास प्राधिकरणों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसी विवाद को समाप्त करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला पंचायतें केवल भवन विकास उपविधियों के अनुरूप ही नक्शा पास करेंगी और महायोजना के प्रावधानों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
नक्शा पास कराने की प्रक्रिया होगी सरल
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि आवासीय और व्यावसायिक भवनों के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों और कारोबारियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। इसके साथ ही ऑनलाइन सिस्टम, समयबद्ध स्वीकृति और जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल अवैध निर्माण पर रोक लगेगी, बल्कि शहरों का विकास भी सुनियोजित तरीके से हो सकेगा।













