हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
तेहरान पर प्रहार में ईरान के रक्षा मंत्री सहित शीर्ष कमांडर मारे गए
मिडिल ईस्ट में इजराइल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य हमलों के आज चौथे दिन भी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री अज़ीज़ नसीरज़ादेह समेत कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए हैं, जिससे युद्ध और गहराया है। रिपोर्टों के अनुसार तेहरान और अन्य इलाकों में एयर स्ट्राइक के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों के मौत की पुष्टि हुई है, जिससे ईरान की सैन्य नेतृत्व संरचना पर बड़ा झटका लगा है।
क्षेत्र में मानवीय तंगी और हिंसा बढ़ी
इन हमलों से ईरान के कई शहरों में भारी तबाही फैल चुकी है, और हजारों नागरिक प्रभावित हुए हैं। संयुक्त रिपोर्टों के मुताबिक ईरान में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और दर्जनों शहरों को नुकसान पहुंचा है। रूस, चीन और फ्रांस जैसी वैश्विक शक्ति राष्ट्रों ने इस हिंसा को रोके जाने का आह्वान किया है ताकि मानवीय संकट को बढ़ने से रोका जा सके।
चीन और फ्रांस की मध्यस्थता पहल
जंग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए चीन और फ्रांस सक्रिय रूप से संघर्ष विराम और कूटनीतिक समाधान के लिए आगे आए हैं, दोनों देश युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों में लगे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता लाना और वैश्विक आर्थिक प्रभावों को रोकना है।
रूस का समर्थन शांति के लिए
रूस ने भी इस संघर्ष को तुरंत रोकने की बात कही है और दोनों पक्षों से शांति वार्ता शुरू करने की अपील की है। रूस का मानना है कि केवल कूटनीतिक बातचीत ही इस जंग को समाप्त कर सकती है और मिडिल ईस्ट में स्थिरता ला सकती है।
भारत की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक रुख
भारत ने भी इस संघर्ष पर अपनी चिंता जताई है और कहा है कि युद्ध का समाधान कूटनीतिक तरीके से ही होना चाहिए। भारत ने क्षेत्रीय स्थिरता और मानवीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है।













