तेहरान बना हमलों का केंद्र
Israel और Iran के बीच जारी संघर्ष ने मिडिल ईस्ट को जंग के मुहाने पर ला खड़ा किया है। इज़रायल ने दावा किया है कि बीते पांच दिनों में उसने ईरान पर करीब 5000 बम गिराए हैं। इज़रायली डिफेंस फोर्स (IDF) के अनुसार इन हमलों का मुख्य लक्ष्य राजधानी Tehran और उसके आसपास के सैन्य एवं रणनीतिक ठिकाने रहे। इज़रायल का कहना है कि उसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और रणनीतिक ढांचे को ध्वस्त करना है।
अमेरिका-इज़रायल की संयुक्त कार्रवाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान में United States भी इज़रायल के साथ सक्रिय रूप से शामिल है। अमेरिका का फोकस ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाना बताया जा रहा है। इज़रायली एयरफोर्स ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि सैकड़ों टारगेट्स पर हमले किए गए और बड़े पैमाने पर हथियारों का इस्तेमाल हुआ। हालांकि इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन फिलहाल संभव नहीं हो पाया है।
1000 से ज्यादा मौतों का दावा
ताज़ा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हमलों में ईरान में कम से कम 1045 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान रेड क्रेसेंट ने बताया कि 130 से अधिक शहर और रिहायशी इलाके प्रभावित हुए हैं। दक्षिणी शहर मीनाब के एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में 160 से ज्यादा छात्राओं और स्टाफ के मारे जाने की खबर ने हालात की भयावहता को उजागर किया है। कई स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी इमारतों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।
ईरान का पलटवार और बढ़ता तनाव
IDF का दावा है कि ईरान की ओर से भी मिसाइलें दागी गईं, जिन्हें इज़रायल के डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट करने की कोशिश की। नागरिकों को अस्थायी रूप से शेल्टर में रहने की सलाह दी गई थी। क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और युद्ध के और फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। पूरी दुनिया की नजर अब इस टकराव पर टिकी हुई है।
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