हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नेपाल में आम चुनाव के नतीजे देश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। शुरुआती मतगणना के अनुसार रैपर से नेता बने बालेन शाह की नवगठित पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी भारी बढ़त बनाती दिखाई दे रही है। अगर यही रुझान जारी रहता है तो बालेन शाह नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। यह चुनाव सितंबर में हुए Gen Z के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद कराया गया था, जिनकी वजह से केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था।
RSP को मिल रहा भारी जनसमर्थन
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आरएसपी अब तक छह सीटें जीत चुकी है और करीब 110 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर झापा-5 सीट पर देखने को मिला, जहां बालेन शाह ने चार बार प्रधानमंत्री रह चुके ओली को कड़ी चुनौती दी है। शुरुआती मतगणना में बालेन शाह को 15 हजार से अधिक वोट मिले हैं, जबकि ओली करीब 3300 वोटों पर सिमट गए हैं।
नेपाल की संसद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 275 सदस्य होते हैं। इनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली (FPTP) से और 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से चुने जाते हैं।
प्रधानमंत्री पद के मजबूत दावेदार
35 वर्षीय इंजीनियर बालेन शाह को नेपाल में युवाओं और शहरी मतदाताओं का बड़ा समर्थन मिल रहा है। पारंपरिक दलों के प्रति जनता के असंतोष के कारण उन्हें बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। पिछले 18 वर्षों में नेपाल में 14 सरकारें बदल चुकी हैं, जिससे राजनीतिक अस्थिरता लगातार बनी रही है। ऐसे में अगर आरएसपी सत्ता में आती है तो यह देश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मानी जाएगी।
अन्य दलों की स्थिति
अब तक के रुझानों में नेपाली कांग्रेस दो सीटें जीत चुकी है और 13 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं सीपीएन-यूएमएल करीब 10 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसके अलावा पुष्प कमल दाहाल प्रचंड रुकुम पूर्व सीट से 10,240 वोटों के साथ जीत दर्ज कर चुके हैं।
Gen Z आंदोलन के बाद बदली सियासत
पिछले साल सितंबर में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं ने देशभर में उग्र प्रदर्शन किए थे। इन प्रदर्शनों के बाद ओली सरकार गिर गई थी और नई राजनीतिक परिस्थितियां बनीं। उस समय बालेन शाह को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने का प्रस्ताव भी मिला था, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़कर पूर्ण जनादेश लेने को प्राथमिकता दी।
भारत की नजर चुनाव पर
भारत भी नेपाल के इन चुनावों पर करीब से नजर रखे हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत नेपाल में स्थिरता, शांति और विकास का समर्थक रहा है और नई सरकार के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए तैयार है।
मतदान और चुनाव प्रक्रिया
नेपाल में इस चुनाव में लगभग 1.89 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र थे और करीब 60 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। 165 प्रत्यक्ष सीटों के लिए लगभग 3400 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि 110 सीटों के लिए 3135 उम्मीदवार आनुपातिक प्रणाली के तहत चुनाव लड़ रहे हैं।
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