अलीगढ़।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर खैर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र दिलेर ने कड़ा विरोध जताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अलीगढ़ को शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने वीडियो में हिंदू धर्म, गौ माता तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूजनीय माता के विरुद्ध अभद्र टिप्पणियां करने के आरोप में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो
विधायक सुरेन्द्र दिलेर द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया है कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बिहार निवासी मौलाना अब्दुल्ला सलीम नामक व्यक्ति द्वारा हिंदू धर्म, गौ माता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता के संबंध में अत्यंत आपत्तिजनक, अशोभनीय और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियां करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हैं और समाज में वैमनस्यता व साम्प्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास भी प्रतीत होता है।
सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताया
विधायक ने अपने पत्र में कहा कि इस तरह की भड़काऊ और दुर्भावनापूर्ण सामग्री का सार्वजनिक प्रसार समाज की शांति और सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी रहती है और विभिन्न समुदायों के बीच अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग करने का दुस्साहस न कर सके।
इन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग
सुरेन्द्र दिलेर ने एसएसपी अलीगढ़ से मांग की है कि वायरल वीडियो में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, धारा 299 और धारा 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की प्रासंगिक धाराओं में भी मामला दर्ज कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई होना आवश्यक है, जिससे समाज में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनी रहे तथा किसी भी धर्म या व्यक्ति के सम्मान के विरुद्ध अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने वालों को कड़ा संदेश मिल सके।














