नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: लोकसभा की कार्यवाही के दौरान लगातार हो रहे हंगामे और व्यवधान पर पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सदन में मौजूद सदस्यों को समझाते हुए कहा कि संसद चलाने में भारी सार्वजनिक धन खर्च होता है, ऐसे में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से देश और जनता दोनों का नुकसान हो रहा है। हंगामा जारी रहने के कारण अंततः लोकसभा की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सदन चलाने में भारी खर्च का दिया हवाला
कार्यवाही के दौरान पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि संसद की कार्यवाही चलाने में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये प्रति घंटा खर्च होता है। उन्होंने बताया कि सदन का एक-एक मिनट करीब ढाई लाख रुपये का पड़ता है और पूरे दिन की कार्यवाही पर लगभग 9 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार जनता के पैसे की बर्बादी है और यह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव का किया उल्लेख
जगदंबिका पाल ने सदन को यह भी याद दिलाया कि माननीय स्पीकर के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, उसे सदन में स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रक्रिया के तहत जिस सांसद ने यह प्रस्ताव पेश किया है, उसे बोलने की अनुमति दी जा रही है।
इसके बावजूद कुछ सदस्य लगातार हंगामा कर रहे हैं और कार्यवाही को आगे बढ़ने नहीं दे रहे हैं।
सरकार और विपक्ष पर टिप्पणी
पीठासीन अधिकारी ने कहा कि देश देख रहा है कि सरकार सदन की कार्यवाही चलाना चाहती है, लेकिन कुछ सदस्य इसे चलने नहीं देना चाहते। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना और अपरिपक्व व्यवहार बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि स्पीकर सदन के कस्टोडियन होते हैं और उनकी गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है।
हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित
काफी समझाने के बावजूद जब सदन में व्यवधान खत्म नहीं हुआ तो अंततः लोकसभा की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
Hashtags:
#LokSabha #Parliament #JagadambikaPal #IndianPolitics #ParliamentProceedings #Democracy













