हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली। आगामी जनगणना को लेकर सरकार ने नई व्यवस्थाओं और स्पष्टताओं के साथ तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को स्व-गणना (Self Enumeration) के लिए पोर्टल खोल दिया गया, जिससे नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इस बार की जनगणना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनमें लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बड़ा फैसला भी शामिल है।
लिव-इन जोड़ों को लेकर नई स्पष्टता
जनगणना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (FAQ) में यह साफ किया गया है कि यदि कोई जोड़ा लिव-इन में रहते हुए एक-दूसरे को स्थायी जीवनसाथी के रूप में स्वीकार करता है, तो उन्हें विवाहित की श्रेणी में गिना जाएगा। यह कदम बदलते सामाजिक ढांचे को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे आंकड़ों में वास्तविक स्थिति को बेहतर तरीके से दर्शाया जा सके।
दो चरणों में पूरी होगी जनगणना
भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायणन ने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी।
- पहला चरण (अप्रैल–सितंबर 2026): इसमें ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ के तहत मकानों की गणना की जाएगी।
- दूसरा चरण (मार्च 2027 से): इस चरण में देश की जनसंख्या यानी लोगों की गणना की जाएगी।
स्व-गणना पोर्टल और सुविधाएं
सरकार द्वारा शुरू किए गए पोर्टल पर नागरिकों के लिए आसान इंटरफेस उपलब्ध कराया गया है। यहां FAQ सेक्शन भी दिया गया है, जिससे लोग जनगणना से जुड़े सवालों के जवाब पहले ही समझ सकें और सही जानकारी भर सकें।
जियो-टैगिंग और यूनिक आईडी की व्यवस्था
इस बार हर भवन को एक यूनिक आईडी दी जाएगी और उसकी सटीक लोकेशन के लिए जियो-टैगिंग की जाएगी। इससे डेटा संग्रह अधिक सटीक और पारदर्शी होगा, साथ ही भविष्य की योजनाओं के लिए बेहतर आधार तैयार होगा।
डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र किया गया सभी डेटा पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखा जाएगा। इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
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