हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़
इस्लामाबाद वार्ता रही बेनतीजा
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी सीजफायर की कोशिशें फिलहाल असफल हो गई हैं। पाकिस्तान की अगुवाई में इस्लामाबाद में हो रही बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। ईरान ने साफ तौर पर अमेरिकी अधिकारियों से मिलने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा। इस घटनाक्रम के बाद कतर और तुर्किये ने दोहा या इस्तांबुल में नई वार्ता का प्रस्ताव रखा है।
अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव
अमेरिका ने युद्धविराम के लिए 15 बिंदुओं का प्रस्ताव रखा था। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, ईरान के परमाणु ठिकानों को खत्म करने और मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने की शर्तें शामिल थीं। इसके बदले अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देने को तैयार था। लेकिन ईरान ने इन शर्तों को सख्ती से खारिज कर दिया।
ईरान की जवाबी शर्तें
ईरान ने अपनी ओर से पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ की मान्यता, क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य ठिकानों की वापसी, युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा और भविष्य में हमले न करने की गारंटी शामिल हैं। इन शर्तों को अमेरिका के लिए स्वीकार करना मुश्किल माना जा रहा है।
जरीफ का ‘मिडिल ग्राउंड’ प्रस्ताव
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने समझौते का एक रास्ता सुझाया है। उनके अनुसार, अगर सभी प्रतिबंध हटा दिए जाएं तो ईरान परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने और होर्मुज खोलने पर विचार कर सकता है। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी स्पष्ट सहमति नहीं बन पाई है।
युद्ध का असर और वैश्विक चिंता
28 फरवरी से जारी संघर्ष में ईरान में 1900 से ज्यादा, इजराइल में 19 और अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। लेबनान में भी 1300 से अधिक लोग मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। हाल ही में ईरान ने कुवैत में तेल रिफाइनरी और जल संयंत्र पर हमला किया, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
UNSC में होगी अहम चर्चा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज संकट पर चर्चा होने वाली है। तेल आपूर्ति बाधित होने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। बहरीन ने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का प्रस्ताव दिया है, हालांकि इसमें सैन्य बल के उपयोग पर मतभेद सामने आए हैं।
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