हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली/तेहरान/वाशिंगटन। मध्यपूर्व में जारी संघर्ष के 39वें दिन हालात और गंभीर हो गए हैं। लगातार हमलों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दुनिया दो धड़ों में बंट गई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लाए गए प्रस्ताव पर रूस और चीन ने वीटो लगा दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मतभेद खुलकर सामने आ गए।
सुरक्षा परिषद में टकराव
बहरीन की ओर से पेश प्रस्ताव में होर्मुज में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई थी। 15 सदस्यीय परिषद में 11 देशों ने समर्थन किया, लेकिन रूस और चीन के विरोध के कारण प्रस्ताव पास नहीं हो सका। पाकिस्तान और कोलंबिया ने मतदान से दूरी बनाई।
हमलों का सिलसिला तेज
अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप पर हमला किया, जबकि इजरायल ने तेहरान, तबरीज समेत कई शहरों में पुलों और रेल पटरियों को निशाना बनाया। जवाब में ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। शारजाह और अन्य ठिकानों पर भी हमले की खबरें हैं। तेहरान के एक रिहायशी इलाके में बमबारी में 15 लोगों की मौत हुई है।
तेल कीमतों में उछाल
युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है।
नेताओं के तीखे बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी कि हालात सभ्यता के अंत तक पहुंच सकते हैं। वहीं ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने दावा किया कि 1.4 करोड़ से अधिक ईरानी देश की रक्षा के लिए कुर्बानी देने को तैयार हैं।
भारतीयों के लिए एडवाइजरी
ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने नागरिकों को अगले 48 घंटे तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी है।
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